फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Home delivery of contraceptive through Asha scheme to be free delivery of Contraceptive devices

अब घर बैठे स्वास्थ्य विभाग की इस योजना का उठा सकते हैं लाभ, नहीं देना होगा एक भी रुपया

Sat, 13 Jun 2020 10:56 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 13 Jun 2020 10:56 AM IST
सार

  • मिशन निदेशक के दिशा-निर्देशों के अनुसार सीएमओ ने जारी की है चिट्ठी
  • होम डिलेवरी ऑफ कंट्रासेप्टिव थ्रू आशा योजना के तहत होगा मुफ्त वितरण

विज्ञापन
Home delivery of contraceptive through Asha scheme to be free delivery of Contraceptive devices
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अब 'होम डिलेवरी ऑफ कंट्रासेप्टिव थ्रू आशा' योजना के तहत गर्भनिरोधक साधनों का मुफ्त में वितरण किया जाएगा। अभी तक निःशुल्क सुविधा सिर्फ सीएचसी, पीएचसी और एएनएम सब सेंटर स्तर पर ही उपलब्ध थी।

विज्ञापन


कार्यकर्ताओं से कंडोम और गर्भनिरोधक गोली घर मंगाने पर न्यूनतम भुगतान करना पड़ता था। कंडोम व माला एन के लिए 1 रुपये जबकि ईसीपी के लिए 2 रुपये देने पड़ते थे। शासन स्तर पर इस सुविधा के निःशुल्क किए  जाने का निर्णय होने के बाद मिशन निदेशक के 13 मई के पत्र में प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में इस कार्य को प्राथमिकता में शामिल करने को कहा गया है।
विज्ञापन


मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि शासन में हुए निर्णय के अनुसार योजना के तहत अलग से दी जाने वाली गर्भनिरोधक सामग्रियों की योजना समाप्त की जा चुकी है। अब चिकित्सा इकाईयों के अलावा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भी मुफ्त आपूर्ति के गर्भ निरोधक साधन कंडोम, ओरल पिल्स और ई-पिल्स का वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

करनी होगी मासिक समीक्षा

इस संबंध में चिकित्सा इकाईयों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं कि पुराने स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर वितरित करवाया जाए। इसके अलावा भविष्य में राज्य स्तर से प्राप्त एक ही प्रकार के निःशुल्क गर्भनिरोधक साधन को उपकेंद्र स्तर की चिकित्सा इकाईयों के साथ सभी शहरी और ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए।

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रमों में शहरी क्षेत्र में पापुलेशन इंटरनेशनल सर्विसेज (पीएसआई) और जिला स्तर पर उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सहयोग प्रदान किया जाता है।

इनके माध्यम से भी फीडबैक मिलता है। चिकित्सा इकाईयों के अधिकारियों से कहा गया है कि वह शासन की नवीन पहल के बारे में मासिक समीक्षा बैठक में आवश्यक तौर पर समीक्षा करेंगे। जिला स्तर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ. नंद कुमार इस योजना की सफलता की समीक्षा करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed