Gorakhpur News: नए साल में चिड़ियाघर में आया नन्हा मेहमान, लक्ष्मी ने दिया बच्चे को जन्म
नए साल के पहले दिन पहली जनवरी को चिड़ियाघर में काफी भीड़ थी। इस वजह से नवजात और उसकी मां को लोगों की पहुंच से दूर रखा गया। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. राजामोहन ने बताया कि दरियाई घोड़े ने एक बच्चे को जन्म दिया है।
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चिड़ियाघर में साल के पहले दिन दरियाई घोड़े (मादा) ने एक नन्हें मेहमान को जन्म दिया है। कानपुर चिड़ियाघर से आई लक्ष्मी (दरियाई घोड़ा) ने नए साल के पहले दिन रविवार की सुबह चार से पांच बजे के बीच नवजात को जन्म दिया। अभी नवजात और उसकी मां को एकांतवास में रखा गया है। वहीं, फरवरी में सफेद भालू (मादा) भी बच्चे को जन्म दे सकती है।
कानपुर के चिड़ियाघर से 15 फरवरी 2022 को दरियाई घोड़ा (मादा) लक्ष्मी लाई गई थी। गोरखपुर चिड़ियाघर आने के बाद वह अपने साथी विष्णु के लिए काफी परेशान थी। उधर, कानपुर चिड़ियाघर में विष्णु के साथ उसका साढ़े तीन साल का बेटा जय उर्फ छोटू काफी परेशान रहता था। जय की परेशानी को देखते हुए कानपुर चिड़ियाघर के प्रबंधन ने कुछ दिनों बाद उसे भी गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया। इसके बाद से लक्ष्मी अपने पुत्र जय के साथ यहां के माहौल में ढल गई।
रविवार की सुबह 4 से 5 बजे के बीच लक्ष्मी ने अपने बाड़े में नवजात को जन्म दिया। नए साल के पहले ही दिन दरियाई घोड़े के रूप में नया और नन्हा मेहमान आने से चिड़ियाघर प्रबंधन उत्साहित भी है और परेशान भी। प्रबंधन ने कर्मचारियों को मां और बच्चे की उचित देखभाल करने का निर्देश दिया है।
नए साल के पहले दिन पहली जनवरी को चिड़ियाघर में काफी भीड़ थी। इस वजह से नवजात और उसकी मां को लोगों की पहुंच से दूर रखा गया। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. राजामोहन ने बताया कि दरियाई घोड़े ने एक बच्चे को जन्म दिया है। अभी उसे 48 घंटे के लिए क्वारंटीन में रखा गया है।
मगरमच्छ और कछुआ पैदा कर चुके हैं बच्चे
मगरमच्छ अपने प्रजनन केंद्र में ही बच्चा देता है, लेकिन चिड़ियाघर में पहली बार मगरमच्छ और कछुआ ने बच्चे को जन्म दिया है। सितंबर माह में मगरमच्छ ने बच्चे को जन्म दिया था। कई बच्चों में कुछ मर गए जबकि 12 बच्चे जिंदा हैं।
सारनाथ पक्षी विहार से बदले में आईं 106 मछलियां
चिड़ियाघर में मस्कवी डक ने कुछ दिनों पहले बच्चे जन्मे थे। यह मछली बेहद ठंडे जगहों पर रहती है। चिड़ियाघर के वेटलैंड में प्रवास के दौरान इसने बच्चे जन्मे थे। सूत्रों ने बताया कि इन्हें सारनाथ पक्षी विहार केंद्र में देकर बदले में 106 कीवी मछलियां लाई गई थीं। अब ये मछलियां चिड़ियाघर के ताल में मौजूद हैं।