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Gorakhpur News: मलाव गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, घर-घर हुई जांच
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कसिहार (गोरखपुर)। बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव में मैगी और तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 11 लोगों के बीमार पड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। शुक्रवार सुबह कौड़ीराम सीएचसी की टीम गांव पहुंची और अमरनाथ पांडेय के घर समेत आसपास के करीब 30 घरों में रहने वाले लगभग 165 लोगों की डोर-टू-डोर जांच की।
टीम ने ग्रामीणों को ओआरएस का घोल और जरूरी दवाएं वितरित कीं। साथ ही गांव की गलियों और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया गया। सीएमओ के निर्देश पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. संतोष वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने लोगों को गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कटे हुए फल और पैकेज्ड फूड एक साथ खाने से बचना चाहिए। उल्टी-दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का सेवन करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड इंस्पेक्टर नरेंद्र चौधरी ने जिस दुकान से मैगी खरीदी गई थी वहां से पांच पैकेट जांच के लिए अपने कब्जे में लिए। साथ ही तरबूज के कुछ नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हालांकि जिस व्यक्ति से तरबूज खरीदा गया था उसका पता नहीं चल सका। डॉ. संतोष वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती 11 मरीजों में से सात लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, चार लोगों का इलाज अभी चल रहा है।
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टीम ने ग्रामीणों को ओआरएस का घोल और जरूरी दवाएं वितरित कीं। साथ ही गांव की गलियों और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया गया। सीएमओ के निर्देश पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. संतोष वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने लोगों को गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कटे हुए फल और पैकेज्ड फूड एक साथ खाने से बचना चाहिए। उल्टी-दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का सेवन करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड इंस्पेक्टर नरेंद्र चौधरी ने जिस दुकान से मैगी खरीदी गई थी वहां से पांच पैकेट जांच के लिए अपने कब्जे में लिए। साथ ही तरबूज के कुछ नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हालांकि जिस व्यक्ति से तरबूज खरीदा गया था उसका पता नहीं चल सका। डॉ. संतोष वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती 11 मरीजों में से सात लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, चार लोगों का इलाज अभी चल रहा है।
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