फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   GST seized iron scrap worth 125 crores

UP News: जीएसटी ने 125 करोड़ के लोहे का स्क्रैप किया जब्त, प्रदेश में पहली बार हुई इतनी बड़ी कार्रवाई

Mon, 27 Feb 2023 01:27 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 27 Feb 2023 01:27 PM IST
सार

ग्रेड 2 एडिश्नल कमिश्नर देवमणि शर्मा ने कहा कि जीएसटी की एसआईबी ने एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। इसमें एसआईबी की नौ टीमें लगी थीं। 24 से 48 घंटे लगातार इनपुट के आधार पर टीम ने जाल फैलाया। सफलता के रूप में अवैध कारोबार के लिए जा रहीं 28 बड़ी गाड़ियों को जब्त कर सीज किया गया है। इन गाड़ियों में सवा सौ करोड़ रुपये का माल भरा था।

विज्ञापन
GST seized iron scrap worth 125 crores
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की एसआईबी टीम ने शनिवार को पूर्वांचल के बड़े टैक्स चोर माफिया मुन्ना पांडेय की 28 गाड़ियां अपने कब्जे में ली हैं। इसमें रखा 125 करोड़ रुपये के लोहे का स्क्रैप भी सीज किया है। जीएसटी की टीम को सूचना मिली थी कि बिहार से बड़ी संख्या में बिना ईवे बिल या फर्जी ईवे बिल के लोह के स्क्रैप की गाड़ियां उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। इन ट्रकों से स्क्रैप गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर के अलावा पंजाब की मंडी गोविंदगढ़ और उत्तराखंड के कोटद्वार तक पहुंचाई जाती है।

विज्ञापन


जीएसटी के अधिकारियों को सूचना मिली कि बिहार से स्क्रैप लेकर ये लेकर गाड़ियां पूरे प्रदेश में जाती हैं। प्रवेश गोरखपुर से होता है और इससे अवैध तरीके से व्यापार प्रदेश के अन्य जिलों के साथ दूसरे राज्यों में भी होता है। इसी सूचना पर एसआईबी की टीम पिछले 15 दिनों से काम कर रही थी। गाड़ियों के आने-जाने और किन रास्तों से होते हुए दूसरे जिले में जाते हैं? इसके अलावा मंडल में किन व्यापारियों (पंजीकृत और अपंजीकृत) के पास इसे पहुंचाया जाता था? इन सब का रिकार्ड सुरक्षित किया गया।
विज्ञापन


सूत्रों ने बताया कि जीएसटी विभाग की एक टीम खुद इस अभियान में लगी थी जो बिहार में प्रधान नाम के एक टैक्स चोर से मिली। उनसे खुद का परिचय लोहे के बड़े सरिया कारोबारी के रूप में कराया। उनकी बात और डिमांड से सहमत होकर प्रधान ने इनकी मुलाकात मुन्ना पांडेय (जीएसटी रिकार्ड में इसी नाम से पहचान है) नाम के एक बड़े टैक्स चोर माफिया से करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

अपनी जरूरत और सामान गलत तरीके से खुद तक पहुंचाने की दलील के बाद एक तारीख तय हो गई और इसके बाद टीम वापस लौट आई। 24 फरवरी को बिहार से गाड़ियों के आने की सूचना मिली। 24 घंटे कड़ी मशक्कत कर टीम ने 25 तारीख की रात तक बस्ती, देवरिया और कुशीनगर से इन गाड़ियों को अपने कब्जे में लेकर सील किया। जांच में सामने आया कि कुछ गाड़ियों में रखे गए सामान का ईवे बिल ही नहीं था। जबकि, दूसरी गाड़ियों में ईवे बिल जो मिला वह राजस्थान और हरियाणा के पते का था।

जांच में पता चला कि इसमें करीब 125 करोड़ रुपये के लोहे का स्क्रैप रखा था, जो किसके पास जाना था? यह रिकार्ड में नहीं था। टीम ने सभी गाड़ियों को सीज कर कार्रवाई की। जांच अभी जारी है।

आठ गाड़ियां बस्ती-अयोध्या टोल पर पकड़ी गईं
अवैध तरीके से लोहे का स्क्रैप ला रहीं आठ गाड़ियां बिहार से गोरखपुर होते हुए अयोध्या टोल तक पहुंच गई थीं। टोल के पास गाड़ियां खड़ी थीं कि टीम मौके पर पहुंच कर उन्हें कब्जे में ले ली। इनसे सूचना मिली कि कुछ गाड़ियां अभी और बिहार से ही आने वाली हैं। सूचना के आधार पर कुशीनगर से गोरखपुर आने वाले रास्ते के टोल पर खड़ी 20 गाड़ियों को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया।

 

मंडल में हैं 232 लोहे के बड़े कारोबारी

जीएसटी सूत्रों ने बताया कि मंडल में कुल 232 लोहे के बड़े कारोबारी हैं। इनमें से पंजीकृत व्यापारियों के पास आने वाले लोहे के स्क्रैप की जांच की जा रही है। दो बड़े फर्मों पर जाकर जांच पूरी भी कर ली गई है। आने वाले कुछ दिनों में लोहे के कारोबारियों के यहां आए स्क्रैप का मिलान भी शुरू होगा।

ऐसे खपाते हैं स्क्रैप
जीएसटी के सूत्रों ने बताया कि लोहे के स्कैप से करोड़ों रुपये से अधिक का व्यापार होता है। दरअसल, लोहे की फैक्ट्रियों में अघोषित रूप से लोहे के कबाड़ की खरीद की जाती हैं। ऐसा इसलिए कि उससे बिना प्रपत्रों के सरिया, लोहे के एंगल, चादर व सरिया बनाने में प्रयोग किया जाने वाला इंगट तैयार किया जाता है। इसी इंगट को बिल्डरों को बाजार से सस्ते दर पर दे दिया जाता। अघोषित रूप से लोहे से होने वाले व्यापार की वजह और बड़े मुनाफे से ऐसा कारोबार किया जा रहा।

ग्रेड 2 एडिश्नल कमिश्नर देवमणि शर्मा ने कहा कि जीएसटी की एसआईबी ने एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। इसमें एसआईबी की नौ टीमें लगी थीं। 24 से 48 घंटे लगातार इनपुट के आधार पर टीम ने जाल फैलाया। सफलता के रूप में अवैध कारोबार के लिए जा रहीं 28 बड़ी गाड़ियों को जब्त कर सीज किया गया है। इन गाड़ियों में सवा सौ करोड़ रुपये का माल भरा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed