फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur University Students performed students appeared in examination

गोरखपुर विश्वविद्यालय: छात्रों ने किया प्रदर्शन, परीक्षा में शामिल हुए 90 प्रतिशत विद्यार्थी

Mon, 10 Jan 2022 10:46 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 10 Jan 2022 10:46 AM IST
सार

निष्कासित विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली। जिला प्रशासन, पुलिस और पीएसी की मदद से प्री-पीएचडी परीक्षा कराई गई।

विज्ञापन
Gorakhpur University Students performed students appeared in examination
गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में चल रही दो दिवसीय प्री-पीएचडी परीक्षा विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद भी रविवार को हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक परीक्षा में 90 प्रतिशत विद्यार्थी शामिल हुए। वहीं, विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस के साथ पीएसी बुला ली। इसके बाद परीक्षा कराई जा सकी।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक रविवार को प्री-पीएचडी के द्वितीय प्रश्नपत्र कंप्यूटर एप्लीकेशन की परीक्षा थी। निर्धारित समय एक बजे से एक घंटे पहले ही विद्यार्थी विश्वविद्यालय गेट पर पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच विवाद बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस और जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एडीएम प्रशासन ने घोषणा की कि जिसे परीक्षा देनी हो वह कक्ष में जाए। उनके घोषणा होते ही ज्यादातर विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए कक्ष में चले गए। बचे कुछ विद्यार्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। एडीएम ने उन्हें किसी तरह शांत कराया। किसी तरह परीक्षा संपन्न हुई।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक रविवार को कुल 782 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि कुल 855 विद्यार्थी पंजीकृत थे। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करना था। इसमें विद्यार्थियों का साथ मिला। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को प्रशंसापत्र देने की घोषणा कर दी। कुलपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत क्रेडिट एंड कोर सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है। इससे योग्य शोधार्थी और शिक्षक तैयार होंगे। कुछ शिक्षक कुछ छात्रों को भड़का कर विश्वविद्यालय का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं जो उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि, सात जनवरी को आयोजित परीक्षा में हंगामा करने के दोषी 17 विद्यार्थियों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली। उन्हें विश्वविद्यालय ने पहले ही निष्कासित कर दिया था। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।
 

15 जनवरी तक घोषित होगा परीक्षा परिणाम

प्री-पीएचडी परीक्षा का परिणाम 15 जनवरी से पहले घोषित किया जाएगा। रिसर्च मैथोडोलॉजी की कॉपियों का मूल्यांकन हर विभाग के तीन शिक्षकों द्वारा किया जाएगा। कंप्यूटर एप्लीकेशन की प्रायोगिक परीक्षा कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष द्वारा कराई जाएगी। ऐसे विद्यार्थी जो सात जनवरी को आयोजित रिसर्च मैथोडोलॉजी की परीक्षा में उपस्थित थे लेकिन हंगामे की वजह से परीक्षा नहीं दे सके या उनकी कापियां या तो छीन ली गईं या फाड़ दी गईं, उनको आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिया जाएगा। आंतरिक मूल्यांकन में 15 अंक रिव्यू ऑफ लिटरेचर, 15 अंक असाइनमेंट और पांच अंक उपस्थिति के दिए जाएंगे।

13 जनवरी तक अपना विवरण परीक्षा नियंत्रक को उपलब्ध कराएं

परीक्षा नियंत्रक ने विद्यार्थियों से कहा है कि वे अपने सभी प्रपत्र, रेट स्कोर, साक्षात्कार स्कोर, डीआरसी रिकमेंडेशन, डीन/कुलसचिव नोटिफिकेशन को 13 जनवरी तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा करा दें, जिससे परीक्षा परिणाम निकालने में सुविधा हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed