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गोरखपुर विश्वविद्यालय : दूसरे राज्यों में भी बनेंगे शोध पात्रता परीक्षा के केंद्र

Sat, 14 Nov 2020 11:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 14 Nov 2020 11:37 AM IST
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Gorakhpur University: Research eligibility test centers will also be made in other states
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध पात्रता परीक्षा सत्र 2020-21 के लिए देश के 18 राज्यों से अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। लिहाजा अभ्यर्थियों को भागदौड़ से बचाने के लिए अन्य राज्यों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षार्थियों से ऑनलाइन विकल्प मांगे जाएंगे।

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सत्र 2019-20 की परीक्षा में अर्ह अभ्यर्थियों को आवेदन फॉर्म भरने और परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। अपना सूचकांक बढ़ाने के लिए वे अपनी मर्जी से परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। शोध पात्रता परीक्षा को लेकर प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू हुई थी।
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कुलपति प्रो. राजेश सिंह के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने सत्र 2020-21 में शोध पात्रता परीक्षा के माध्यम से पीएचडी कोर्स में प्रवेशित सभी विद्यार्थियों को अपने संसाधनों से दीनदयाल उपाध्याय शोध फेलोशिप 10 एवं 15 हजार रुपये प्रति वर्ष देने का निर्णय लिया है।
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कुलसचिव ने प्रवेश पर लगाई थी रोक

शोध परीक्षा के संयोजक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह ने बताया कि कई विभागों में सत्र 2019-20 के अर्ह विद्यार्थियों को सत्र 2019-20 में प्रवेश नहीं मिला। कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने किसी अन्य कारणों से प्रवेश नहीं लिया है।

उनका प्रवेश सत्र 2020-21 में कुलसचिव के आदेश के बगैर प्रारंभ हो गया था। इसके बाद कुलसचिव के आदेश से इसपर रोक लगा दी गई। ऐसे सभी अर्ह विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा से मुक्त होंगे तथा उनका पिछली पात्रता परीक्षा का अर्हतांक ही बरकरार रहेगा। प्रो. सिंह ने कहा कि यदि वे अपना अर्हता अंक बढ़ाना चाहते हैं तो प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

इस बारे मेें यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विद्यार्थी को सत्र 2020-21 की परीक्षा में कम अंक प्राप्त होता है तो जिस प्रवेश परीक्षा का अंक अधिक होगा, वही उसका अर्हता अंक माना जाएगा।

सभी के प्रवेश की गारंटी नहीं
प्रो. सिंह ने कहा कि शोध पात्रता परीक्षा में अर्ह सभी विद्यार्थियों के पीएचडी कोर्स में प्रवेश की गारंटी नहीं है। शोध में प्रवेश, विभाग में उपलब्ध संसाधनों, शोध की प्रकृति एवं फेलोशिप की संख्या पर यह निर्भर करता है।

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