गोरखपुर के नोडल अफसर ने दिया ये खास निर्देश, कहा- निजी अस्पतालों ने कोरोना जांच के लिए फीस ली तो भुगतेंगे
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के नोडल अफसर व अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग, गन्ना विकास व आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने जिले में अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी काउंटरों पर हो रहे कामों की जानकारी ली, रिकार्ड भी जांचे।
सीएमओ ने नोडल अफसर को बताया कि कोरोना जांच के लिए अब तक 60 निजी अस्पतालों को एंटीजन किट दिया जा चुका है। नोडल अफसर ने चेताया कि किसी भी निजी अस्पताल ने अगर कोरोना जांच के लिए फीस ली तो उस पर आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निजी अस्पतालों को कोरोना संक्रमितों के लिए दो बेड आरक्षित रखने होंगे ताकि जरूरी होने पर मरीज शिफ्ट करने में कोई दिक्कत न हो। सभी निजी अस्पतालों में कोविड प्रोटोकाल का पालन करने का निर्देश दिया। डीएम से कहा कि इन अस्पतालों की रेंडम चेकिंग की जाए और कहीं प्रोटोकॉल का पालन होता न मिले तो कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से निजात के लिए शासन- प्रशासन के साथ सभी को मिलकर कार्य करना होगा। जनमानस से अपील की कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मॉस्क पहने तथा अनावश्यक घर से बाहर न निकलें।
संक्रमितों की 10 कांटेक्ट ट्रेसिंग जरूरी
कंट्रोल रूम के निरीक्षण के बाद नोडल अफसर जूम एप के जरिए सभी एमओवाईसी के साथ बैठक की। सीएचसी/पीएचसी प्रभारियों से हॉस्पिटल मैनेजमेंट की जानकारी लेने के साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीएचसी-पीएचसी पर कोरोना जांच हो। इसी तरह उन्होंने कोरोना संक्रमित व्यक्ति की कम से कम 10 कान्टेक्ट ट्रेसिंग अनिवार्य तौर पर करने को कहा।
नोडल अफसर ने निर्देश दिया कि होम क्वारंटीन/एक्टिव मरीजों से रैपिड रिस्पान्स टीम ,नियमित संपर्क बनाए रखें। डीएम के. विजयेन्द्र पांडियन ने महामारी से निपटने के लिए की गई तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सीडीओ इंद्रजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित कई अन्य अफसर मौजूद रहे।