Police Warning: सात दिन में शराफत से खुद हटा लें अतिक्रमण, वरना होगा बल प्रयोग
ऑपरेशन क्लीन के तहत 28 मई से तीन जून तक शेष अभियान चलाया जाएगा। एसएसपी ने अधिकारी नामित किए, चौराहों से अतिक्रमण, अवैध स्टैंड हटाए जाएंगे।
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गोरखपुर में ऑपरेशन क्लीन के तहत सात दिनों में चौराहों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। अवैध ऑटो व बस स्टैंडों को भी हटाया जाएगा। जरूरत पड़ेगी तो बल प्रयोग भी किया जाएगा। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने इसके लिए अधिकारी नामित कर दिए हैं। एक-एक अधिकारी को नोडल अफसर बनाकर अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध बस व ऑटो स्टैंड को हटाने का निर्देश दिया था। साफ कहा था कि जनता को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इसका संज्ञान लेकर ही एसएसपी ने 28 मई (शनिवार) से तीन जून तक ऑपरेशन क्लीन चलाने का फैैसला किया है।
एसएसपी के मुताबिक अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, होर्डिंग, रेहड़ी व ठेले वाले हटाए जाएंगे। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है। रात में भी सड़कों पर पार्किंग नहीं होने दी जाएगी। अभियान के दौरान पुलिस जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों से संवाद भी करेगी। सीसी टीवी कैमरे लगवाए जाएंगे।
इन अफसरों को मिली अतिक्रमण हटवाने की जिम्मेदारी
- यूनिवर्सिटी चौराहा से मोहद्दीपुर तक- एसपी सिटी।
- शास्त्री चौक से बेतियाहाता तक- एसपी ट्रैफिक।
- पैडलेगंज- सीओ कैंट।
- मोहद्दीपुर से कूड़ाघाट तक- सीओ ट्रैफिक।
- फलमंडी से टीपी नगर तक- सीओ कोतवाली।
- नौसड़- एसपी नार्थ।
- कौड़ीराम-सीओ बांसगांव।
- असुरन चौराहा से मेडिकल चौराहा- सीओ गोरखनाथ।
- रेलवे स्टेशन से यातायात तिरहा-एसपी सिटी।
- पर्यटन विभाग कार्यालय व आसपास- एसपी ट्रैफिक।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि सभी अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। यदि पुलिस बल का इस्तेमाल करना आवश्यक होगा तो इसके लिए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाना होगा। इसके बाद ही बल प्रयोग व विधिक कार्रवाई की जाएगी। एक सप्ताह में अभियान के तहत निर्धारित काम को पूरा कराना होगा।