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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Radiation therapy will be done in AIIMS from June, cancer patients will not have to run around

Gorakhpur News: जून से रेडिएशन थैरेपी एम्स में ही होगी, कैंसर मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी दौड़

Thu, 15 May 2025 01:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 May 2025 01:14 AM IST
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Gorakhpur News: Radiation therapy will be done in AIIMS from June, cancer patients will not have to run around
अत्याधुनिक मशीनों को चल रहा ट्रायल
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लखनऊ-वाराणसी के नहीं लगाने होंगे चक्कर
गोरखपुर। कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एम्स जून से अत्याधुनिक रेडिएशन थैरेपी (सिकाई) मशीन से कैंसर का इलाज शुरू करेगा। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि एम्स पूर्वांचल का पहला संस्थान होगा जहां आधुनिक स्तर की कैंसर रेडिएशन थेरेपी सुविधा होगी।

डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि लीनियर एक्सेलेरेटर जैसी अत्याधुनिक मशीनें एम्स में लगाई गई हैं। इनका अंतिम परीक्षण जारी है। जून में कैंसर मरीजों के लिए रेडिएशन थेरेपी की शुरुआत हो जाएगी। इससे गोरखपुर सहित आसपास के जिलों के कैंसर रोगियों को दिल्ली, लखनऊ या वाराणसी जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एम्स में चिकित्सा सेवा के साथ-साथ शोध और शिक्षण कार्य भी तेजी से प्रगति कर रहा है। एम्स में प्रत्येक दिन करीब चार हजार से अधिक ओपीडी मरीजों को देखा जा रहा है।
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अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी मशीनों से होगा कैंसर का इलाज
एम्स में 18 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेरेटर, ब्रेकीथेरेपी मशीन और सीटी सिमुलेटर जैसी उन्नत तकनीकें संस्थान में मौजूद हैं। अत्याधुनिक हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन रेडिएशन थेरेपी में अत्यंत सटीकता से कैंसर कोशिकाओं को उच्च-ऊर्जा वाली एक्स-रे किरणों (फोटॉन बीम) के माध्यम से नष्ट कर सकती है। इसमें इमेज-गाइडेड रेडिएशन थेरेपी की सुविधा भी है। जिससे ट्यूमर की सटीक स्थिति के अनुसार रेडिएशन दिया जा सकता है। सीटी सिमुलेटर का उपयोग ट्रीटमेंट प्लानिंग में किया जाएगा, जो सीटी स्कैन की तरह काम करता है और रेडिएशन की दिशा तय करता है। ब्रेकीथेरेपी मशीन आंतरिक विकिरण चिकित्सा के लिए प्रयोग की जाती है, जहां विकिरण स्रोत सीधे ट्यूमर के पास लगाया जाता है। इससे इलाज की सटीकता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ जाती हैं।
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