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Gorakhpur News: लीग कराकर नहीं दिया पुरस्कार...अब टीमें नहीं करा रहीं रजिस्ट्रेशन
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मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित होनी है इंटर क्लब क्रिकेट लीग
कोच का आरोप- किसी क्लब या खिलाड़ी को मामूली कहासुनी पर कर देते हैं प्रतिबंधित
गोरखपुर। मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से इंटर क्लब क्रिकेट लीग का आयोजन किया जाना है। पिछले वर्ष लीग के विजेता को पुरस्कार न देने से इस साल कई टीमें रजिस्ट्रेशन नहीं करा रही हैं। शहर के क्लब दो भाग में बंट गए हैं। एक अगली लीग के लिए पंजीकरण करा रहा तो दूसरा बहिष्कार कर रहा है। एमसीए की तरफ से अभी लीग की डेट भी तय नहीं की गई है।
खिलाड़ियों और कोच का आरोप है कि इंटर क्लब लीग में पंजीकरण के लिए मोटी रकम देनी पड़ती है। इसके बावजूद एक तो यह जल्द खत्म नहीं होती। विजेताओं को पुरस्कार भी नहीं दिया जाता है। क्रिकेट कोच दुर्गेश चौधरी ने बताया कि मंडल क्रिकेट एसोसिएशन हर साल नया नियम बनाता है। उस नियम की धज्जियां उड़ा देता है। कोई भी काम लिखित नहीं किया जाता है। किसी क्लब या खिलाड़ी को केवल मामूली कहासुनी (मुंहजबानी) पर प्रतिबंधित कर दिया जाता है। खिलाड़ियों की सेलेक्शन लिस्ट भी जारी नहीं होती है। अन्य जिलों में या अन्य प्रदेशों में सेलेक्शन के बाद खिलाड़ियों की सूची जारी की जाती है।
कोच नीरज यादव ने बताया कि आरएस क्रिकेट एकेडमी की टीम विजेता रही है। दो डिवीजन में विजेता टीमों को 12,000 रुपये नकद पुरस्कार दिया जाना है। अभी तक मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से नहीं दिया गया है।
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ट्रॉफी ही हो गई गायब
कोच दुर्गेश सिंह ने बताया कि उनकी टीम डीए स्पोर्ट्स एकेडमी सहारा की टीम फाइनल में उप विजेता रही थी। उसको भी पुरस्कार अभी तक मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से नहीं दिया गया है। पूछने पर बताया गया कि ट्रॉफी गायब हो गई है। आज तक ट्रॉफी नहीं मिली है। नई टीमों को बुलाकर पुरस्कार दिया गया। अब दोबारा लीग का आयोजन किया जा रहा है। टीमें लीग में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार नहीं हैं। खिलाड़ी पूछते हैं कि पुरस्कार कब मिलेगा। मंडल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शफीक सिद्दीकी ने बताया कि इंटर क्लब लीग के लिए पंजीकरण बंद हो गया है। दिवाली बाद इसकी तिथि घोषित की जाएगी। पिछले पुरस्कार भी जल्द दे दिए जाएंगे।
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कोच का आरोप- किसी क्लब या खिलाड़ी को मामूली कहासुनी पर कर देते हैं प्रतिबंधित
गोरखपुर। मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से इंटर क्लब क्रिकेट लीग का आयोजन किया जाना है। पिछले वर्ष लीग के विजेता को पुरस्कार न देने से इस साल कई टीमें रजिस्ट्रेशन नहीं करा रही हैं। शहर के क्लब दो भाग में बंट गए हैं। एक अगली लीग के लिए पंजीकरण करा रहा तो दूसरा बहिष्कार कर रहा है। एमसीए की तरफ से अभी लीग की डेट भी तय नहीं की गई है।
खिलाड़ियों और कोच का आरोप है कि इंटर क्लब लीग में पंजीकरण के लिए मोटी रकम देनी पड़ती है। इसके बावजूद एक तो यह जल्द खत्म नहीं होती। विजेताओं को पुरस्कार भी नहीं दिया जाता है। क्रिकेट कोच दुर्गेश चौधरी ने बताया कि मंडल क्रिकेट एसोसिएशन हर साल नया नियम बनाता है। उस नियम की धज्जियां उड़ा देता है। कोई भी काम लिखित नहीं किया जाता है। किसी क्लब या खिलाड़ी को केवल मामूली कहासुनी (मुंहजबानी) पर प्रतिबंधित कर दिया जाता है। खिलाड़ियों की सेलेक्शन लिस्ट भी जारी नहीं होती है। अन्य जिलों में या अन्य प्रदेशों में सेलेक्शन के बाद खिलाड़ियों की सूची जारी की जाती है।
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कोच नीरज यादव ने बताया कि आरएस क्रिकेट एकेडमी की टीम विजेता रही है। दो डिवीजन में विजेता टीमों को 12,000 रुपये नकद पुरस्कार दिया जाना है। अभी तक मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से नहीं दिया गया है।
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ट्रॉफी ही हो गई गायब
कोच दुर्गेश सिंह ने बताया कि उनकी टीम डीए स्पोर्ट्स एकेडमी सहारा की टीम फाइनल में उप विजेता रही थी। उसको भी पुरस्कार अभी तक मंडल क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से नहीं दिया गया है। पूछने पर बताया गया कि ट्रॉफी गायब हो गई है। आज तक ट्रॉफी नहीं मिली है। नई टीमों को बुलाकर पुरस्कार दिया गया। अब दोबारा लीग का आयोजन किया जा रहा है। टीमें लीग में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार नहीं हैं। खिलाड़ी पूछते हैं कि पुरस्कार कब मिलेगा। मंडल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शफीक सिद्दीकी ने बताया कि इंटर क्लब लीग के लिए पंजीकरण बंद हो गया है। दिवाली बाद इसकी तिथि घोषित की जाएगी। पिछले पुरस्कार भी जल्द दे दिए जाएंगे।