{"_id":"67eee52a66f6de07e003c44f","slug":"gorakhpur-news-kotwali-police-sought-help-from-mumbai-crime-branch-to-arrest-anna-reddy-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-890503-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: अन्ना रेड्डी की गिरफ्तारी के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच से कोतवाली पुलिस ने मांगी मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: अन्ना रेड्डी की गिरफ्तारी के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच से कोतवाली पुलिस ने मांगी मदद
विज्ञापन
जालसाजी की घटना का खुलासा होने बाद से लगातार लोकेशन बदल रहा सरगना अन्ना रेड्डी
गोरखपुर। ऑनलाइन कैसीनो के जरिये करोड़ों रुपये की जालसाजी करने वाले के गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद से पुलिस सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी (अन्ना रेड्डी) की तलाश में दबिश दे रही है। लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही है। लगातार लोकेशन बदलने से परेशान गोरखपुर की कोतवाली पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच से मदद मांगी है।
गोरखपुर में ऑनलाइन कैसीनो की फ्रेंचाइजी चलाने वाले गुर्गे संजय व उसके साथी अजय को अन्ना रेड्डी 20 प्रतिशत कमीशन देता था। जालसाजी की 80 प्रतिशत रकम अन्ना रेड्डी खुद रख लेता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी ऑनलाइन कैसीनो के छह एप चलाता है, जिसकी फ्रेंचाइजी दी जाती है। शहर के असुरन के जेमिनी अपाॅर्टमेंट में किराए पर रहने वाले संजय चौरसिया ने 90 लाख रुपये देकर तीन फ्रेंचाइजी ली थी। इसके बाद उसके पास एप का लिंक आता था। अपने सहयोगी सिद्धार्थनगर के अजय ठाकुर के साथ मिलकर वह ऑनलाइन कैसीनो चलाता था, जिसमें 10 अन्य कर्मचारी भी काम करते थे।
एक साल पहले कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े अजय ठाकुर ने पूछताछ में बताया था कि मुंबई से बी-कॉम करने के बाद वहीं प्राइवेट नौकरी करता था। मुंबई में उसे ऑनलाइन कैसीनो के जरिये जालसाजी करने की जानकारी मिली। संजय से संपर्क कर फ्रेंचाइजी दिलवाई। प्रकरण में पुलिस ने अजय सहित दो आरोपी को जेल भिजवा दिया था। जेल भेजे गए संजय विश्वकर्मा के साले शैलेश चौरसिया ने सरेंडर कर दिया था। तभी से पुलिस टीम सरगना की गिरफ्तारी में लगी हुई है।
विज्ञापन
केस के विवेचक एसएसआई शिवराज सिंह ने बताया कि पुलिस घटना का पर्दाफाश कर गिरोह में शामिल दो गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। तीसरे आरोपी ने सरेंडर दिया था। गिरोह के मुख्य सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है लेकिन वह नहीं मिल रहा है। अब क्राइम ब्रांच मुंबई की मदद ली जा रही है।
कुछ दिन पूर्व पुलिस ने मारा था छापा
कुछ दिन पूर्व कोतवाली पुलिस ने मुंबई पहुंचकर सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी के पते मुंबई 69 कबूतरखाना में छापा मारा था, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने अन्य ठिकानों पर भी छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद कोतवाली पुलिस टीम मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची और मदद मांगी।
इस तरह हुआ था पर्दाफाश
एक साल पहले बिहार प्रांत के गोपालगंज जिले भोरे के सिसई ओझा टोला की लक्ष्मीना संजय चौरसिया के घर झाडू-पोछा करती थी। सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर संजय ने मेडिकल कॉलेज रोड स्थित इंडसइंड बैंक में लक्ष्मीना व उसके रिश्तेदारों सीमा देवी, मायापति देवी, फूलमती देवी, मोतीलाल व रामानंद का आधार, पैन कार्ड व फोटो आदि उपलब्ध करा दिया था। संजय ने यह कहते हुए खाता खुलवाया कि हर माह पांच हजार रुपये मिलेंगे। कुछ दिन बाद लक्ष्मीना को पता चला कि उसके खाते से 45 लाख रुपये आए और निकाले गए हैं। इसके बाद सीमा देवी ने जानकारी ली तो उसके खाते के जरिये साढ़े चार करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी। इसके बाद पीड़ितों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद केस दर्ज कर जांच में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
विज्ञापन
गोरखपुर। ऑनलाइन कैसीनो के जरिये करोड़ों रुपये की जालसाजी करने वाले के गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद से पुलिस सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी (अन्ना रेड्डी) की तलाश में दबिश दे रही है। लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही है। लगातार लोकेशन बदलने से परेशान गोरखपुर की कोतवाली पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच से मदद मांगी है।
गोरखपुर में ऑनलाइन कैसीनो की फ्रेंचाइजी चलाने वाले गुर्गे संजय व उसके साथी अजय को अन्ना रेड्डी 20 प्रतिशत कमीशन देता था। जालसाजी की 80 प्रतिशत रकम अन्ना रेड्डी खुद रख लेता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी ऑनलाइन कैसीनो के छह एप चलाता है, जिसकी फ्रेंचाइजी दी जाती है। शहर के असुरन के जेमिनी अपाॅर्टमेंट में किराए पर रहने वाले संजय चौरसिया ने 90 लाख रुपये देकर तीन फ्रेंचाइजी ली थी। इसके बाद उसके पास एप का लिंक आता था। अपने सहयोगी सिद्धार्थनगर के अजय ठाकुर के साथ मिलकर वह ऑनलाइन कैसीनो चलाता था, जिसमें 10 अन्य कर्मचारी भी काम करते थे।
विज्ञापन
एक साल पहले कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े अजय ठाकुर ने पूछताछ में बताया था कि मुंबई से बी-कॉम करने के बाद वहीं प्राइवेट नौकरी करता था। मुंबई में उसे ऑनलाइन कैसीनो के जरिये जालसाजी करने की जानकारी मिली। संजय से संपर्क कर फ्रेंचाइजी दिलवाई। प्रकरण में पुलिस ने अजय सहित दो आरोपी को जेल भिजवा दिया था। जेल भेजे गए संजय विश्वकर्मा के साले शैलेश चौरसिया ने सरेंडर कर दिया था। तभी से पुलिस टीम सरगना की गिरफ्तारी में लगी हुई है।
विज्ञापन
केस के विवेचक एसएसआई शिवराज सिंह ने बताया कि पुलिस घटना का पर्दाफाश कर गिरोह में शामिल दो गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। तीसरे आरोपी ने सरेंडर दिया था। गिरोह के मुख्य सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है लेकिन वह नहीं मिल रहा है। अब क्राइम ब्रांच मुंबई की मदद ली जा रही है।
कुछ दिन पूर्व पुलिस ने मारा था छापा
कुछ दिन पूर्व कोतवाली पुलिस ने मुंबई पहुंचकर सरगना अमित सेठ उर्फ बंटी के पते मुंबई 69 कबूतरखाना में छापा मारा था, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने अन्य ठिकानों पर भी छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके बाद कोतवाली पुलिस टीम मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंची और मदद मांगी।
इस तरह हुआ था पर्दाफाश
एक साल पहले बिहार प्रांत के गोपालगंज जिले भोरे के सिसई ओझा टोला की लक्ष्मीना संजय चौरसिया के घर झाडू-पोछा करती थी। सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर संजय ने मेडिकल कॉलेज रोड स्थित इंडसइंड बैंक में लक्ष्मीना व उसके रिश्तेदारों सीमा देवी, मायापति देवी, फूलमती देवी, मोतीलाल व रामानंद का आधार, पैन कार्ड व फोटो आदि उपलब्ध करा दिया था। संजय ने यह कहते हुए खाता खुलवाया कि हर माह पांच हजार रुपये मिलेंगे। कुछ दिन बाद लक्ष्मीना को पता चला कि उसके खाते से 45 लाख रुपये आए और निकाले गए हैं। इसके बाद सीमा देवी ने जानकारी ली तो उसके खाते के जरिये साढ़े चार करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी। इसके बाद पीड़ितों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद केस दर्ज कर जांच में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ।