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Gorakhpur News: पिछली शरद पूर्णिमा से इस वर्ष सोना 42 हजार रुपये महंगा, चांदी भी चढ़ी
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अब नौ कैरेट के आभूषण भी बेच सकेंगे सराफा व्यापारी, बीआईएस ने दी मंजूरी
गोरखपुर। एक साल में सोने के दाम ने आसमान छू लिया है। पिछली शरद पूर्णिमा की तुलना में इस वर्ष सोना 42 हजार रुपये महंगा हुआ है। सराफा व्यापारियों की मानें तो लगन आते-आते दाम और बढ़ सकते हैं। पिछली शरद पूर्णिमा पर प्रति किलो चांदी का भाव 90 से 96 हजार रुपये प्रति किलो था। इस बार चांदी 1,48,000 रुपये प्रति किलो बिकी। पिछले साल की तुलना में चांदी 52 हजार रुपये महंगी हुई है।
उधर, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने हिंदी बाजार के हालमार्किंग सेंटर वालों को अब नौ कैरेट के आभूषणों और चांदी पर भी अनिवार्य हालमार्किंग करने का आदेश जारी किया है। बीते रविवार को हिंदी बाजार में इससे जुड़े सभी लोगों के पास बीआईएस ने मेल भेजकर जानकारी दी है।
हिंदी बाजार के सराफा व्यापारी लालबाबू वर्मा ने बताया कि त्योहार के बीच महंगाई ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। बढ़े दामों की वजह से ग्राहक दुकान पर नहीं आ रहे हैं। सराफा व्यापारी महेश वर्मा ने बताया कि इन दिनों व्यापारी खुद भाव के गिरने का इंतजार कर रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इस समय व्यापार सिर्फ 25 प्रतिशत तक ही रह गया है।
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बढ़ती महंगाई से ग्राहक भी परेशान हैं। नंदानगर के प्रदीप सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि नातिन के लिए सोने की चेन लेने गया था। छह ग्राम की चेन देखी तो उसकी कीमत भी 60 हजार रुपये से अधिक थी। सोने के दाम घटने का इंतजार में उन्होंने चेन नहीं खरीदी।
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गोरखपुर। एक साल में सोने के दाम ने आसमान छू लिया है। पिछली शरद पूर्णिमा की तुलना में इस वर्ष सोना 42 हजार रुपये महंगा हुआ है। सराफा व्यापारियों की मानें तो लगन आते-आते दाम और बढ़ सकते हैं। पिछली शरद पूर्णिमा पर प्रति किलो चांदी का भाव 90 से 96 हजार रुपये प्रति किलो था। इस बार चांदी 1,48,000 रुपये प्रति किलो बिकी। पिछले साल की तुलना में चांदी 52 हजार रुपये महंगी हुई है।
उधर, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने हिंदी बाजार के हालमार्किंग सेंटर वालों को अब नौ कैरेट के आभूषणों और चांदी पर भी अनिवार्य हालमार्किंग करने का आदेश जारी किया है। बीते रविवार को हिंदी बाजार में इससे जुड़े सभी लोगों के पास बीआईएस ने मेल भेजकर जानकारी दी है।
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हिंदी बाजार के सराफा व्यापारी लालबाबू वर्मा ने बताया कि त्योहार के बीच महंगाई ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। बढ़े दामों की वजह से ग्राहक दुकान पर नहीं आ रहे हैं। सराफा व्यापारी महेश वर्मा ने बताया कि इन दिनों व्यापारी खुद भाव के गिरने का इंतजार कर रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इस समय व्यापार सिर्फ 25 प्रतिशत तक ही रह गया है।
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बढ़ती महंगाई से ग्राहक भी परेशान हैं। नंदानगर के प्रदीप सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि नातिन के लिए सोने की चेन लेने गया था। छह ग्राम की चेन देखी तो उसकी कीमत भी 60 हजार रुपये से अधिक थी। सोने के दाम घटने का इंतजार में उन्होंने चेन नहीं खरीदी।