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Gorakhpur News: भूकंप से हिली धरती...झटके से सहम गए शहरवासी
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शाम 7:52 बजे के करीब महसूस किए गए भूकंप के झटके
झटके महसूस होने के बाद घर से बाहर निकले लोग
गोरखपुर। शहर में शुक्रवार शाम 7:52 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र नेपाल में रहा। भूकंप से धरती हिली तो शहर के लोग घरों से निकलकर बाहर आ गए। थोड़ी देर बाद शांत होने पर वापस गए। तीव्रता कम होने की वजह से कुछ लोगों को झटके महसूस नहीं हुए। रात भर इसको लेकर चर्चा होती रही।
नेपाल में रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका असर उत्तर भारत में भी दिखा जहां हल्के झटके महसूस किए गए। शाम करीब 7:52 बजे कुछ सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। तारामंडल क्षेत्र की साक्षी त्रिपाठी घर में पढ़ाई कर रही थीं। भूकंप के झटके महसूस होते ही वह सबकुछ छोड़कर घर से बाहर आ गईं। मोहद्दीपुर के ऋषभ सोफे पर बैठकर रील्स देख रहे थे। तभी सामने टेबल पर रखी बोतल हिलने लगीं। उनको भी झटके महसूस हुए। तुरंत वे पूरे परिवार को लेकर घर के बाहर आ गए। बाहर आए तो देखा कि दूसरे घरों से भी लोग निकल गए हैं।
शाहपुर के सुधांशु ने कहा कि शुक्रवार की शाम को वह घर में थे। एकाएक चंद सेकंड के लिए लगा जैसे कुछ हिल रहा है। इस पर वह कुछ समझ पाते तब तक सब सामान्य हो गया। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर लोग अपने अनुभव शेयर करते नजर आए।
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यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही भारतीय प्लेट
गोरखपुर विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अंकित सिंह ने कहा कि हिमालय में भूकंप का मुख्य कारण दो टैक्टोनिक प्लेट्स का टकराव है। लगभग चार से पांच करोड़ साल पहले, यूरेशियन प्लेट से टकराई थी। तब से भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही है और हर साल लगभग पांच सेमी आगे बढ़ रही है। टैक्टोनिक प्लेट्स के दबाव के कारण हिमालय में भूकंप आते हैं। नेपाल में इसी वजह से हमेशा भूकंप आते हैं। गोरखपुर भी हाई रिस्क जोन में है।
बोले लोग...
शाम के समय बैठे थे तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए। पूरे परिवार को लेकर बाहर निकल आए। जो किसी काम में व्यस्त थे उन्हें ये झटके महसूस नहीं हुए।
- अजीत कुमार, रुस्तमपुर
भूकंप के झटके तेज थे। अचानक टीवी हिलने लगा जिसके बाद भाग कर बाहर आ गए। इस दौरान कई लोगों के फोन कॉल भी आने लगे थे। थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य होने पर घर के अंदर गए।
- अतुल तिवारी, तारामंडल
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झटके महसूस होने के बाद घर से बाहर निकले लोग
गोरखपुर। शहर में शुक्रवार शाम 7:52 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र नेपाल में रहा। भूकंप से धरती हिली तो शहर के लोग घरों से निकलकर बाहर आ गए। थोड़ी देर बाद शांत होने पर वापस गए। तीव्रता कम होने की वजह से कुछ लोगों को झटके महसूस नहीं हुए। रात भर इसको लेकर चर्चा होती रही।
नेपाल में रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका असर उत्तर भारत में भी दिखा जहां हल्के झटके महसूस किए गए। शाम करीब 7:52 बजे कुछ सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। तारामंडल क्षेत्र की साक्षी त्रिपाठी घर में पढ़ाई कर रही थीं। भूकंप के झटके महसूस होते ही वह सबकुछ छोड़कर घर से बाहर आ गईं। मोहद्दीपुर के ऋषभ सोफे पर बैठकर रील्स देख रहे थे। तभी सामने टेबल पर रखी बोतल हिलने लगीं। उनको भी झटके महसूस हुए। तुरंत वे पूरे परिवार को लेकर घर के बाहर आ गए। बाहर आए तो देखा कि दूसरे घरों से भी लोग निकल गए हैं।
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शाहपुर के सुधांशु ने कहा कि शुक्रवार की शाम को वह घर में थे। एकाएक चंद सेकंड के लिए लगा जैसे कुछ हिल रहा है। इस पर वह कुछ समझ पाते तब तक सब सामान्य हो गया। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर लोग अपने अनुभव शेयर करते नजर आए।
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यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही भारतीय प्लेट
गोरखपुर विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अंकित सिंह ने कहा कि हिमालय में भूकंप का मुख्य कारण दो टैक्टोनिक प्लेट्स का टकराव है। लगभग चार से पांच करोड़ साल पहले, यूरेशियन प्लेट से टकराई थी। तब से भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही है और हर साल लगभग पांच सेमी आगे बढ़ रही है। टैक्टोनिक प्लेट्स के दबाव के कारण हिमालय में भूकंप आते हैं। नेपाल में इसी वजह से हमेशा भूकंप आते हैं। गोरखपुर भी हाई रिस्क जोन में है।
बोले लोग...
शाम के समय बैठे थे तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए। पूरे परिवार को लेकर बाहर निकल आए। जो किसी काम में व्यस्त थे उन्हें ये झटके महसूस नहीं हुए।
- अजीत कुमार, रुस्तमपुर
भूकंप के झटके तेज थे। अचानक टीवी हिलने लगा जिसके बाद भाग कर बाहर आ गए। इस दौरान कई लोगों के फोन कॉल भी आने लगे थे। थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य होने पर घर के अंदर गए।
- अतुल तिवारी, तारामंडल