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Gorakhpur News: गोरखपुर से कुशीनगर तक डीआईजी का निरीक्षण, तस्करों पर कसा शिकंजा

Fri, 19 Sep 2025 02:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 02:18 AM IST
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Gorakhpur News: DIG inspects from Gorakhpur to Kushinagar, tightens noose on smugglers
बुधवार रात डीआईजी और बृहस्पतिवार को एडीजी ने किया निरीक्षण
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गोरखपुर। पिपराइच में दीपक गुप्ता की हत्या के बाद पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार रात डीआईजी रेंज डॉ. एस. चनप्पा खुद सड़कों पर उतरे और गोरखपुर से कुशीनगर होते हुए बिहार बार्डर तक हर नाके व चेकिंग पॉइंट का निरीक्षण किया।
रात ढाई बजे तक डीआईजी की गाड़ी राजमार्गों पर घूमती रही और पुलिसकर्मियों की तत्परता परखी गई। आदेश दिया गया कि कोई भी वाहन बिना चेकिंग न निकले। वहीं बृहस्पतिवार को एडीजी ने भी बिहार बाॅर्डर तक के नाके व चेकिंग पॉइंट का निरीक्षण किया।
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गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया की सीमाओं पर सघन चेकिंग हुई। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई, यात्रियों से पूछताछ की गई। शहर के असुरन, पादरी बाजार, खजांची चौक समेत दर्जनों स्थानों पर डीआईजी ने खुद जांच की। कुशीनगर में कप्तानगंज, रामकोला तिराहा और घोघरा पुल पर भी गहन चेकिंग कराई। डीआईजी ने बताया कि तस्करों के भागने के सभी रास्ते चिन्हित कर लिए गए हैं। सर्विलांस टीम हर मूवमेंट पर नजर रख रही है और नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई शुरू हो गई है।
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जोन में इस साल हुई कार्रवाई का आंकड़ा

- गोवंश व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत 162 केस दर्ज हुए।

- 521 तस्कर चिन्हित हुए, इनमें से 440 की गिरफ्तारी हुई।

- 89 पर गुंडा एक्ट, 152 पर गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज हुआ।

- 1.30 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कराया गया, 60 की हिस्ट्रीशीट खुली।

- अभियान में 990 पशु बरामद हुए, तस्करों के 124 वाहन पकड़े गए।

- इस अवधि में 39 मुठभेड़ हुए जिसमें 52 तस्कर घायल, 6 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए।

- मुठभेड़ में 73 तस्कर गिरफ्तार, उनके पास से एक ट्रक, एक पिकअप और पांच असलहे बरामद हुए।

जेल भेजे गए पशु तस्करों का भी शुरू हुआ सत्यापन
एडीजी जोन ने बताया कि पिछले 10 वर्ष में जिन तस्करों को जेल भिजवाया गया है, उनका सत्यापन होगा। जेल से छूटकर कौन फिर से इस धंधे में उतरा, इसकी पूरी छानबीन होगी। पुलिस कप्तान को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई पुलिसकर्मी नेटवर्क से जुड़ा मिला तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करें। पशु तस्करी के हर रास्ते की मैपिंग कर लें। बिहार से लेकर शहर तक हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर नाकेबंदी के नए सिरे से इंतजाम होंगे। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें तस्करों की कुंडली खंगाल रही है। तस्करों के विरुद्ध दर्ज केसों की समीक्षा में देखा जाएगा कि कितने लोगों पर केस चले, किस पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई और किसकी हिस्ट्रीशीट खुली। खासकर वे तस्कर, जो जेल से बाहर आकर फिर से सक्रिय हो गए हैं, उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई होगी।
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