{"_id":"67eee0336df6c6219f02133b","slug":"gorakhpur-news-details-of-city-properties-will-be-collected-under-the-map-project-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-890791-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: नक्शा प्रोजेक्ट के तहत इकट्ठा होगा शहर की संपत्तियों का विवरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: नक्शा प्रोजेक्ट के तहत इकट्ठा होगा शहर की संपत्तियों का विवरण
विज्ञापन
नगर निगम 52 डिग्री व डिप्लोमा इंजीनियरों को करेगा नियुक्त
विवरण इकट्ठा करने के लिए बनाई जा रहीं 26 टीमें
टीम में नगर निगम, राजस्व विभाग के कर्मचारी समेत तीन सदस्य रहेंगे शामिल
गोरखपुर। नगर निगम नक्शा प्रोजेक्ट के तहत शहर के सभी दुकान, मकान के अलावा खाली प्लाॅट के स्वामित्व का विवरण तैयार कराएगा। तीन स्तर पर इनका सत्यापन करने के बाद मिलान किया जाएगा। पहले स्तर पर पूरे शहर का ड्रोन के जरिए सर्वे के अलावा लिडार सर्वे भी किया जाएगा। इसके अलावा सर्वेयर के माध्यम से सभी संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सर्वे के लिए कुल 26 टीमें बनाई जाएंगी।
संपत्तियों का विवरण इकट्ठा करने के लिए नगर निगम 52 डिग्री व डिप्लोमा इंजीनियरों को नियुक्त करेगा। छह महीने के लिए नियुक्त किए जा रहे इन इंजीनियरों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा।
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि नक्शा प्रोजेक्ट के तहत सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे टीम कोर्स और रोवर के जरिए संपत्तियों का मिलान कर रिकाॅर्ड तैयार करेगी। इसके अंतर्गत टीम को रोवर मशीन उपलब्ध करवाया जाएगा और संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध नक्शे पहले से सर्वर पर लोड किए जाएंगे। इसके बाद मशीन में संबंधित जानकारी डालकर जमीन का सटीक सीमांकन करेगा। वहीं रोवर एक पोर्टेबल उपकरण है, जिसे सर्वेक्षण करने वाले विभिन्न स्थानों पर ले जाते हैं। यह जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) तकनीक का उपयोग करके सटीक स्थान और ऊंचाई की जानकारी प्रदान करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विवरण इकट्ठा करने के लिए बनाई जा रहीं 26 टीमें
टीम में नगर निगम, राजस्व विभाग के कर्मचारी समेत तीन सदस्य रहेंगे शामिल
गोरखपुर। नगर निगम नक्शा प्रोजेक्ट के तहत शहर के सभी दुकान, मकान के अलावा खाली प्लाॅट के स्वामित्व का विवरण तैयार कराएगा। तीन स्तर पर इनका सत्यापन करने के बाद मिलान किया जाएगा। पहले स्तर पर पूरे शहर का ड्रोन के जरिए सर्वे के अलावा लिडार सर्वे भी किया जाएगा। इसके अलावा सर्वेयर के माध्यम से सभी संपत्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सर्वे के लिए कुल 26 टीमें बनाई जाएंगी।
संपत्तियों का विवरण इकट्ठा करने के लिए नगर निगम 52 डिग्री व डिप्लोमा इंजीनियरों को नियुक्त करेगा। छह महीने के लिए नियुक्त किए जा रहे इन इंजीनियरों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा।
विज्ञापन
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि नक्शा प्रोजेक्ट के तहत सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे टीम कोर्स और रोवर के जरिए संपत्तियों का मिलान कर रिकाॅर्ड तैयार करेगी। इसके अंतर्गत टीम को रोवर मशीन उपलब्ध करवाया जाएगा और संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध नक्शे पहले से सर्वर पर लोड किए जाएंगे। इसके बाद मशीन में संबंधित जानकारी डालकर जमीन का सटीक सीमांकन करेगा। वहीं रोवर एक पोर्टेबल उपकरण है, जिसे सर्वेक्षण करने वाले विभिन्न स्थानों पर ले जाते हैं। यह जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) तकनीक का उपयोग करके सटीक स्थान और ऊंचाई की जानकारी प्रदान करता है।
विज्ञापन