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कैंट ओवरब्रिज : एल सेप में भूमि का अड़ंगा...अब वाई कनेक्शन पर मंथन
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अधिकारियों ने तैयार किया संशोधित मैप, 15 दिनों में महाप्रबंधक को देंगे रिपोर्ट
गोरखपुर। कैंट रेलवे स्टेशन यार्ड के पूर्वी छोर पर स्थित 157 ए रेलवे क्रॉसिंग पर अब वाई आकार का ओवरब्रिज बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने इसका मैप तैयार कर लिया है। 15 दिनों में पूरी रिपोर्ट इंजीनियरिंग विभाग महाप्रबंधक को सौंपेगे। ओवरब्रिज टू लेन में बनेगा और इसके निर्माण में 69 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्तावित वाई आकार के ओवरब्रिज में बजट बढ़ने की संभावना है। इस ब्रिज के बन जाने से जहां कैंट रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
पिछले दिनों महाप्रबंधक ने कैंट स्टेशन का निरीक्षण किया था। इसी दौरान उन्होंने कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए जाने वाले ओवरब्रिज के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ओवरब्रिज के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिल पा रही है। पहले एल सेफ में इसे बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन वाई कनेक्शन दिया जाएगा। ओवरब्रिज सीधे जाएगा और उसमें से एक कनेक्शन देकर रेलवे स्टेशन की ओर उतारा जाएगा। महाप्रबंधक ने पूरी रिपोर्ट 15 दिनों में मांगी है।
रेल प्रशासन के डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के मुताबिक, ओवरब्रिज की लंबाई 674 मीटर और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी। इसको बनाने के लिए 26 पिलर बनाए जाएंगे। ओवरब्रिज को जीआरडी स्कूल के सामने से उठाया जाएगा और रेलवे क्रॉसिंग के बाद 300 मीटर की लंबाई में बनाया जाएगा। इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने के लिए डिजाइन में कुछ संशोधन चल रहा है। जल्द इसे फाइनल कर लिया जाएगा।
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ट्रेनों के गुजरने से अक्सर बंद रहता है क्रॉसिंग, लगता है जाम
कैंट स्टेशन पर जाने के लिए पहले से एक रास्ता है, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग पार करके जाना पड़ता है। इस क्रॉसिंग से रोजाना 160 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं और शंटिंग के दौरान इंजन भी जाता है। ऐसे में कभी-कभी क्रॉसिंग एक घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहता है। मोहद्दीपुर, नंदानगर, कुनराघाट, दिव्यनगर, खोराबार आदि इलाकों के लोग यहीं उतरना चाहते हैं क्योंकि उनका घर नजदीक पड़ता है। दूसरी तरफ एम्स में दिखाने के लिए मरीज भी ट्रेन से आते हैं जो रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से जाम में फंसे रहते हैं। इसके अलावा 14 से ज्यादा काॅलोनियों के लोग भी इसी रास्ते आते-जाते हैं। ये लोग अक्सर जाम में फंस जाते हैं।
इन कॉलोनियों के लोगों को होगी राहत
झरना टोला, गायत्री नगर, मोहनापुर, काशीपुरम, अयोध्यापुरम, टीचर्स कॉलोनी, ऊंचवा, दरगहिया, केंद्रीय विद्यालय परिसर
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गोरखपुर। कैंट रेलवे स्टेशन यार्ड के पूर्वी छोर पर स्थित 157 ए रेलवे क्रॉसिंग पर अब वाई आकार का ओवरब्रिज बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने इसका मैप तैयार कर लिया है। 15 दिनों में पूरी रिपोर्ट इंजीनियरिंग विभाग महाप्रबंधक को सौंपेगे। ओवरब्रिज टू लेन में बनेगा और इसके निर्माण में 69 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्तावित वाई आकार के ओवरब्रिज में बजट बढ़ने की संभावना है। इस ब्रिज के बन जाने से जहां कैंट रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
पिछले दिनों महाप्रबंधक ने कैंट स्टेशन का निरीक्षण किया था। इसी दौरान उन्होंने कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए जाने वाले ओवरब्रिज के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ओवरब्रिज के लिए पर्याप्त भूमि नहीं मिल पा रही है। पहले एल सेफ में इसे बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन वाई कनेक्शन दिया जाएगा। ओवरब्रिज सीधे जाएगा और उसमें से एक कनेक्शन देकर रेलवे स्टेशन की ओर उतारा जाएगा। महाप्रबंधक ने पूरी रिपोर्ट 15 दिनों में मांगी है।
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रेल प्रशासन के डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के मुताबिक, ओवरब्रिज की लंबाई 674 मीटर और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी। इसको बनाने के लिए 26 पिलर बनाए जाएंगे। ओवरब्रिज को जीआरडी स्कूल के सामने से उठाया जाएगा और रेलवे क्रॉसिंग के बाद 300 मीटर की लंबाई में बनाया जाएगा। इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कैंट रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने के लिए डिजाइन में कुछ संशोधन चल रहा है। जल्द इसे फाइनल कर लिया जाएगा।
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ट्रेनों के गुजरने से अक्सर बंद रहता है क्रॉसिंग, लगता है जाम
कैंट स्टेशन पर जाने के लिए पहले से एक रास्ता है, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग पार करके जाना पड़ता है। इस क्रॉसिंग से रोजाना 160 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं और शंटिंग के दौरान इंजन भी जाता है। ऐसे में कभी-कभी क्रॉसिंग एक घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहता है। मोहद्दीपुर, नंदानगर, कुनराघाट, दिव्यनगर, खोराबार आदि इलाकों के लोग यहीं उतरना चाहते हैं क्योंकि उनका घर नजदीक पड़ता है। दूसरी तरफ एम्स में दिखाने के लिए मरीज भी ट्रेन से आते हैं जो रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से जाम में फंसे रहते हैं। इसके अलावा 14 से ज्यादा काॅलोनियों के लोग भी इसी रास्ते आते-जाते हैं। ये लोग अक्सर जाम में फंस जाते हैं।
इन कॉलोनियों के लोगों को होगी राहत
झरना टोला, गायत्री नगर, मोहनापुर, काशीपुरम, अयोध्यापुरम, टीचर्स कॉलोनी, ऊंचवा, दरगहिया, केंद्रीय विद्यालय परिसर