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Gorakhpur News: चाचा-चाची की डांट से नाराज था यू-ट्यूबर भतीजा, रच दी घर में ही चोरी की साजिश
Tue, 13 May 2025 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 May 2025 12:58 AM IST
सार
एसपी सिटी ने बताया कि अनुराग चार वर्षों से अपने चाचा मानवेंद्र नारायण राय के घर पर ही रहता था और उनका काम देखता था। लेकिन मानवेंद्र नारायण को इधर ऐसा लगने लगा था कि अनुराग की हरकतें ठीक नहीं है। वह उनके बेटे को भी बिगाड़ रहा है। गांव पर एक गाड़ी थी, जिसे बिना बताए, अनुराग लेकर चलने लगा। इस बात को लेकर एक दो बार मानवेंद्र ने पहले उसे मना किया फिर भी न सुधरने पर 15 दिन पहले अनुराग को डांट-फटकार लगाई थी। उसे गांव भेज दिया था।
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एसपी सिटी अभिवन त्यागी और सीओ कैंट, पीछे गिरफ्तार चारों आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एम्स इलाके में तीन मई को रेस्टोरेंट संचालक के घर से 45 लाख की चोरी के मामले का सोमवार को पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पर्दाफाश कर दिया। चोरी की साजिश रेस्टोरेंट संचालक के भतीजे ने रची फिर तीन साथियों संग मिलकर इसे अंजाम दिया।
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पुलिस के मुताबिक, भतीजा रेस्टोरेंट संचालक चाचा और उनकी पत्नी (चाची) की डांट से नाराज था। उसने चाचा-चाची को सबक सिखाने के लिए चोरी की। आरोपियों की पहचान झंगहा इलाके के डीहघाट के यू-ट्यूबर अनुराग राय, राज राय, सिकरीगंज के महादेवा बाजार निवासी विश्वबंधु और सराफा कारोबारी दीपक कुमार वर्मा के रूप में हुई। पूछताछ के बाद आरोपियों को पुलिस ने जेल भिजवा दिया।
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एसपी सिटी अभिनव त्यागी और सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मुख्य आरोपी अनुराग राय, शिकायतकर्ता मानवेंद्र नारायण राय का भतीजा है। मानवेंद्र का दोस्त राज राय और राज का संपर्की विश्वबंधु है, जो सिकरीगंज का रहने वाला है।
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इन्हीं तीनों ने एक साथ चोरी की घटना को अंजाम दिया था। चोरी करने के बाद गहनों को विश्वबंधु ने सिकरीगंज के सराफा व्यापारी दीपक वर्मा को बेचा था। जांच में सामने आया कि दीपक को पता था कि सोना चोरी का है फिर भी उसने खरीद लिया था।
एसपी सिटी ने बताया कि चाचा-चाची को सबक सिखाने के लिए भतीजे अनुराग राय ने राज राय को रुपये का लालच देकर जोड़ा था। चोरी के बाद विश्वबंधु ही जेवर लेकर दीपक के पास बेचने गया था, जहां दीपक ने विश्वबंधु को 5.50 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद चोरी के सोने के गहनों को गला दिया था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 74.170 ग्राम गला हुआ सोना, सोने की एक चेन, ब्रेसलेट, 3.42 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त एक बाइक बरामद की है। चोरी के दौरान आरोपियों ने मानवेंद्र की पत्नी का बैग फाड़ दिया था। बैग को फाड़ने के लिए चोरों ने किचन में रखे चाकू का इस्तेमाल किया था। फिर उसे किचेन में रखकर भाग गए थे। ट्रेडिंग से संबंधित वीडियो बनाकर अनुराग राय सोशल मीडिया पर शेयर करता था।
15 दिन पहले चाचा ने डांट कर भेजा था गांव
एसपी सिटी ने बताया कि अनुराग चार वर्षों से अपने चाचा मानवेंद्र नारायण राय के घर पर ही रहता था और उनका काम देखता था। परिवार के सदस्य की तरह ही सारी जानकारी रखता था। लेकिन मानवेंद्र नारायण को इधर ऐसा लगने लगा था कि अनुराग की हरकतें ठीक नहीं है।
वह उनके बेटे को भी बिगाड़ रहा है। गांव पर एक गाड़ी थी, जिसे बिना बताए, अनुराग लेकर चलने लगा। इस बात को लेकर एक दो बार मानवेंद्र ने पहले उसे मना किया फिर भी न सुधरने पर 15 दिन पहले अनुराग को डांट-फटकार लगाई थी। उसे गांव भेज दिया था।
इसी के बाद अनुराग अपने चाचा-चाची को आर्थिक क्षति पहुंचने की साजिश रचने लगा। तीन मई की रात करीब आठ बजे अनुराग अपने दोस्त राज और विश्वबंधु के साथ हेलमेट पहन कर पल्सर बाइक से उनके घर पहुंचा और घटना को अंजाम देकर भाग गया।
पहचान छिपाने के लिए बदला हुलिया
अनुराग को उसकी चाल-ढाल से पहचाने जाने का डर था। इसलिए विश्वबंधु ने ट्रैक सूट और जूतों का इंतजाम किया। तीनों ने चोरी करने से पहले कपड़े बदलकर ट्रैक सूट पहन लिए थे। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों ट्रैक सूट और जूते को पराली में जला दिया था।
सीसीटीवी और सीडीआर से हुई पहचान
एसपी सिटी ने बताया कि चोरी के सूचना के बाद घर आने-जाने वाले लोगों की सूची बनाई गई। इसमें संदिग्ध लोगों को अलग किया गया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और सीडीआर की मदद से पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया।