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Gorakhpur News: नोएडा हाईकोर्ट आदेश का परीक्षण कराएगा प्रशासन...फिर लगेगी रोक
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गोरखपुर। मलौली-लहसड़ी बंधे के किनारे नदी के डूब क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने करीब 1100 गाटा संख्या तैयार कर लिया है। ये जमीनें सात गांवों की हैं। इन जमीनों की सूची सार्वजनिक करने के पहले प्रशासन नोएडा में हाईकोर्ट के आदेश का परीक्षण करा रहा है। इसमें डूब क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री की अनुमति दी गई है। इसके बाद सशर्त प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। अगर खरीद-फरोख्त की अनुमति मिली भी तो निर्माण कार्य पर रोक लग सकती है।
मलौली बंधे के किनारे महेवा से शुरू हुए इस बंधे पर महेवा, मंझरिया बिस्टौली, अजवनिया, सेंदुली-बेंदुली, कठउर, लहसड़ी आदि गांवों में नदी के छोर वाले हिस्से में प्लाॅटिंग हुई है। डूब क्षेत्र में ही 40 से 50 मकान भी बन गए हैं, जो बाढ़ के पानी से हर साल घिर जाते हैं। प्रशासन डूब क्षेत्र की ओर की जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का निर्णय लिया ताकि यहां जमीनों पर लोग मकान न बनवा सकें। डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने डूब क्षेत्र वालों इलाकों में करीब 1100 गाटा संख्या की सूची तैयार कर ली है। उधर, इसी तरह के मामले में नोएडा में कुछ लोग हाईकोर्ट गए थे जहां उन्हें राहत मिल गई। अब प्रशासन आदेश की कॉपी और वहां के प्रशासन की रिपोर्ट को मंगाकर परीक्षण कराने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि कुछ शर्त ऐसे जोड़े जाएंगे जिससे जमीन को बेच पाना आसान नहीं होगा।
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चिह्नित गांव
लहसड़ी, मंझरिया बिस्टौली, कठउर, सेंदुली-बेदुली, अजवनिया, महेवा आंशिक
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कोट
नोएडा में हाईकोर्ट ने डूब क्षेत्र में जमीनों की खरीद-फरोख्त संबंधित आदेश जारी किया है। उस आदेश का परीक्षण करवा रहे हैं। अध्ययन के आधार पर शर्तें लागू की जाएंगी ताकि डूब क्षेत्र में जमीनों पर मकान न बन सके। ऐसे मकान हर साल बारिश में डूब जाते हैं। मलौली बंधे के किनारे के गांवों का गाटा संख्या के आधार पर सूची तैयार कराई गई है।
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कृष्णा करुणेश, डीएम
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मलौली बंधे के किनारे महेवा से शुरू हुए इस बंधे पर महेवा, मंझरिया बिस्टौली, अजवनिया, सेंदुली-बेंदुली, कठउर, लहसड़ी आदि गांवों में नदी के छोर वाले हिस्से में प्लाॅटिंग हुई है। डूब क्षेत्र में ही 40 से 50 मकान भी बन गए हैं, जो बाढ़ के पानी से हर साल घिर जाते हैं। प्रशासन डूब क्षेत्र की ओर की जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का निर्णय लिया ताकि यहां जमीनों पर लोग मकान न बनवा सकें। डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने डूब क्षेत्र वालों इलाकों में करीब 1100 गाटा संख्या की सूची तैयार कर ली है। उधर, इसी तरह के मामले में नोएडा में कुछ लोग हाईकोर्ट गए थे जहां उन्हें राहत मिल गई। अब प्रशासन आदेश की कॉपी और वहां के प्रशासन की रिपोर्ट को मंगाकर परीक्षण कराने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि कुछ शर्त ऐसे जोड़े जाएंगे जिससे जमीन को बेच पाना आसान नहीं होगा।
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चिह्नित गांव
लहसड़ी, मंझरिया बिस्टौली, कठउर, सेंदुली-बेदुली, अजवनिया, महेवा आंशिक
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कोट
नोएडा में हाईकोर्ट ने डूब क्षेत्र में जमीनों की खरीद-फरोख्त संबंधित आदेश जारी किया है। उस आदेश का परीक्षण करवा रहे हैं। अध्ययन के आधार पर शर्तें लागू की जाएंगी ताकि डूब क्षेत्र में जमीनों पर मकान न बन सके। ऐसे मकान हर साल बारिश में डूब जाते हैं। मलौली बंधे के किनारे के गांवों का गाटा संख्या के आधार पर सूची तैयार कराई गई है।
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कृष्णा करुणेश, डीएम