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Gorakhpur News: मिलावटखोरों के खिलाफ सालभर में हुए 450 मुकदमे
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अभियान चलाकर की कार्रवाई
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पिछले एक साल में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 450 मुकदमे दाखिल किए गए। वहीं, सालभर में करीब 550 नमूने लिए गए।
पुलिस जिस तरह अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलती है, उसी तरह अब खाद्य सुरक्षा विभाग भी मिलावटखोरों की हिस्ट्रीशीट तैयार कर रहा है। खाने-पीने के सामानों में मिलावट का धंधा बहुत तेज हो गया है। बाजार में सूजी, मैदान, बेसन, घी, मसाला, तेल, नमकीन, कुट्टू के आटे आदि में मिलावट की पुष्टि हो चुकी है। पनीर और खोवा के नमूने तो बार-बार फेल हो जा रहे हैं। मिठाइयों में मिलावट सबसे आम बात है।
चायपत्ती और काली मिर्च तक को धंधेबाजों ने केमिकल से रंग डाला है। केला पकाने में केमिकल का प्रयोग हो रहा है तो अदरक जैसे औषधीय गुण वाले कंद को भी इसी से साफ करने की वजह से यह सेहत के लिए नुकसानदेह बन चुका है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि खाने-पीने के सामान में मिलावट करने वालों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह सीधे तौर पर आम लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती।
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अंतर जनपदीय टीम मार रही छापा
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के लिए अंतर जनपदीय टीमें बनाई गई हैं। यह टीम अलग-अलग शहरों में जाकर छापा मारती है। वहीं, गोरखपुर में मंडल स्तरीय प्रयोगशाला खुलने से नमूनों की रिपोर्ट जल्दी आ जाती है। इससे विभाग को कार्रवाई करने में आसानी होती है।
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गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पिछले एक साल में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 450 मुकदमे दाखिल किए गए। वहीं, सालभर में करीब 550 नमूने लिए गए।
पुलिस जिस तरह अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलती है, उसी तरह अब खाद्य सुरक्षा विभाग भी मिलावटखोरों की हिस्ट्रीशीट तैयार कर रहा है। खाने-पीने के सामानों में मिलावट का धंधा बहुत तेज हो गया है। बाजार में सूजी, मैदान, बेसन, घी, मसाला, तेल, नमकीन, कुट्टू के आटे आदि में मिलावट की पुष्टि हो चुकी है। पनीर और खोवा के नमूने तो बार-बार फेल हो जा रहे हैं। मिठाइयों में मिलावट सबसे आम बात है।
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चायपत्ती और काली मिर्च तक को धंधेबाजों ने केमिकल से रंग डाला है। केला पकाने में केमिकल का प्रयोग हो रहा है तो अदरक जैसे औषधीय गुण वाले कंद को भी इसी से साफ करने की वजह से यह सेहत के लिए नुकसानदेह बन चुका है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि खाने-पीने के सामान में मिलावट करने वालों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह सीधे तौर पर आम लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती।
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अंतर जनपदीय टीम मार रही छापा
मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के लिए अंतर जनपदीय टीमें बनाई गई हैं। यह टीम अलग-अलग शहरों में जाकर छापा मारती है। वहीं, गोरखपुर में मंडल स्तरीय प्रयोगशाला खुलने से नमूनों की रिपोर्ट जल्दी आ जाती है। इससे विभाग को कार्रवाई करने में आसानी होती है।