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Gorakhpur News: हॉर्बर्ट बंधे के पास जमीन के पेच में फंसे 1500 प्रधानमंत्री आवास

Thu, 21 Nov 2024 02:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2024 02:43 AM IST
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Gorakhpur News: 1500 Prime Minister's houses trapped in land near Herbert Bandhe
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से प्रस्तावित 1500 प्रधानमंत्री आवास जमीन के पेच से फंस गए हैं। मौके पर पर्याप्त जगह नहीं होने के साथ ही पास में बने गारबेज ट्रांसफर स्टेशन को लेकर विरोध के चलते भी प्राधिकरण इन आवासों को सरेंडर करने के लिए शासन को तीन बार पत्र लिख चुका है। अब प्राधिकरण की ओर से नई जगह तलाशी जा रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शासन की ओर से नया लक्ष्य मिलने पर नई जगह पर निर्माण कराया जाएगा।
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जीडीए को वर्ष 2019 में उसे हार्बर्ट बांध के पास बसंतपुर में प्रशासन ने पांच एकड़ जगह उपलब्ध कराई थी। जब आवास निर्माण की बारी आई तो मौके पर पाया गया कि वहां नगर निगम के सफाई कर्मियों ने आवास बना रखे हैं। मौके पर 150 आवास ही बन पा रहे थे। बाद में प्रस्तावित जमीन के पास ही नगर निगम ने गारबेज ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण शुरू करा दिया। इसे लेकर भी विरोध शुरू कर दिया। ऐसे में पूर्व प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह और महेंद्र सिंह तंवर ने आवास सरेंडर करने को शासन को पत्र लिखा था। कुछ माह पूर्व फिर तीसरी बार प्राधिकरण ने शासन को आवास सरेंडर करने के लिए पत्र लिखा लेकिन, अभी शासन की तरफ आवंटित लक्ष्य की सूची से जीडीए के नाम ही ये 1500 आवास दर्ज हैं।
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इसी बीच अब प्रधानमंत्री आवास योजना-2 लागू कर दी गई। हालांकि शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास को लेकर अभी नई गाइडलाइन नहीं जारी हो सकी है। ऐसे में प्राधिकरण जमीन के दूसरे विकल्प तलाश रहा है। प्राधिकरण के मुताबिक यदि प्रधानमंत्री आवास योजना-2 के तहत भी उन्हें आवास का लक्ष्य आवंटित होता है तो दूसरी जगह पर ही आवास बनाए जाएंगे।
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वर्जन...
चार-पांच साल पहले हार्बर्ट बंधे के पास जमीन उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन, उसी समय जब मौके पर सत्यापन कराया गया तो वहां नगर निगम कर्मचारियों के आवास बने हुए मिले। सिर्फ 150 आवास की ही जगह मिली। ऐसे में तब से लेकर अभी तक तीन बार आवास सरेंडर करने को प्राधिकरण की ओर से पत्र लिखा जा चुका है। साथ ही दूसरी जगह जमीन की भी तलाश की जा रही है। पीएम आवास योजना-2 के तहत यदि पुन: आवास का लक्ष्य मिलता है तो दूसरी जगह योजना के आवास बनाए जाएंगे।
आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
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