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गोरखपुर: 20 करोड़ की जमीन से 30 साल पुराना कब्जा हटाया, कब्जेदार से इस अवधि का किराया वसूल करेगा नगर निगम
Fri, 20 Aug 2021 12:52 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 20 Aug 2021 12:52 PM IST
सार
उर्वरक नगर वार्ड में नगर निगम की 53 डिस्मिल जमीन पर था अवैध कब्जा। नगर आयुक्त के निर्देश पर जोनल अधिकारी अमरेश बहादुर पाल एवं प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल सीपी सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई।
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कब्जा हटवाते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस ने उर्वरक नगर वार्ड के जंगल नकहा नंबर एक में नगर निगम की 53 डिस्मिल जमीन पर करीब 30 साल पुराने कब्जे को हटा दिया। जमीन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। अब नगर निगम कब्जाधारक से इस अवधि का पूरा किराया वसूलेगा।
उर्वरक नगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि कासिम ने नगर आयुक्त से मिलकर यह जानकारी दी थी कि जंगल नकहा नं-1 में सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने लगभग 30 साल से कब्जा किया है। नगर आयुक्त के निर्देश पर जोनल अधिकारी अमरेश बहादुर पाल एवं प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल सीपी सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम कार्यवाहक नायब तहसीलदार सतीश श्रीवास्तव, आरआई रामसूचित, अमीन अवधकिशोर के साथ मौके पर पहुंची।
ज्ञात हुआ कि करीब 20 करोड़ रुपये की आराजी सं. 465 की नगर निगम की 53 डिस्मिल जमीन पर चार लोगों ने कब्जा कर दुकान, गोदाम और मकान का निर्माण करा लिया है। ईंट, मोरंग, गिट्टी बालू आदि निर्माण सामग्री भी रखी मिली। टीम ने करीब 20 ट्रक गिट्टी, बालू एवं मोरंग हटवाई।
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वहीं बिजली विभाग की टीम ने बिजली का कनेक्शन काटा। फिर नगर निगम की टीम ने जेसीबी से पक्का निर्माण ध्वस्त कर दिया। इस दौरान तहसील की टीम से राधेश्याम गुप्ता, नायब तहसीलदार, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, प्रद्युम्न सिंह राजस्व निरीक्षक विमलेश दुबे, नेहा पांडेय, एवं परवेज लेखपाल, चौकी इंचार्ज अजीत सिंह एवं उनके साथ महिला व पुरुष पुलिस कर्मी, नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुनील सिंह, राम विजय पाल आदि मौजूद रहे।
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उर्वरक नगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि कासिम ने नगर आयुक्त से मिलकर यह जानकारी दी थी कि जंगल नकहा नं-1 में सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने लगभग 30 साल से कब्जा किया है। नगर आयुक्त के निर्देश पर जोनल अधिकारी अमरेश बहादुर पाल एवं प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल सीपी सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम कार्यवाहक नायब तहसीलदार सतीश श्रीवास्तव, आरआई रामसूचित, अमीन अवधकिशोर के साथ मौके पर पहुंची।
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ज्ञात हुआ कि करीब 20 करोड़ रुपये की आराजी सं. 465 की नगर निगम की 53 डिस्मिल जमीन पर चार लोगों ने कब्जा कर दुकान, गोदाम और मकान का निर्माण करा लिया है। ईंट, मोरंग, गिट्टी बालू आदि निर्माण सामग्री भी रखी मिली। टीम ने करीब 20 ट्रक गिट्टी, बालू एवं मोरंग हटवाई।
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वहीं बिजली विभाग की टीम ने बिजली का कनेक्शन काटा। फिर नगर निगम की टीम ने जेसीबी से पक्का निर्माण ध्वस्त कर दिया। इस दौरान तहसील की टीम से राधेश्याम गुप्ता, नायब तहसीलदार, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, प्रद्युम्न सिंह राजस्व निरीक्षक विमलेश दुबे, नेहा पांडेय, एवं परवेज लेखपाल, चौकी इंचार्ज अजीत सिंह एवं उनके साथ महिला व पुरुष पुलिस कर्मी, नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुनील सिंह, राम विजय पाल आदि मौजूद रहे।
पार्षद प्रतिनिधि ने की मोहल्ला क्लीनिक बनाने की मांग
स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि कासिम ने नगर आयुक्त से पार्षद वरीयता की निधि से पांच लाख रुपये से उक्त स्थल पर मोहल्ला क्लीनिक बनाये जाने का अनुरोध किया। हालांकि नगर निगम की ओर से स्थल से अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए पिलर गड़वाकर तारबंदी करवाई जा रही है। वहीं अतिक्रमण से स्थानीय नागरिकों के लिए सुरक्षित वृक्षारोपण स्थल के लिए चिह्नित स्थान सुनिश्चित किया गया। भविष्य में यथा आवश्यकता प्राप्त सुझावों के आधार पर नियमानुससार कार्य किया जाएगा।
अगर नगर निगम की जमीन पर कब्जा है तो खुद छोड़ दें
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने हेतु नगर निगम टीम के सफल प्रयास को देखते हुए पूरी टीम को विशेष प्रशस्ति पत्र दिये जाने के लिए शासन को प्रस्ताव अनुसंशित कर भेजा जा रहा है। नगर आयुक्त ने यह अपील भी की कि शहर में जिनके द्वारा नगर निगम या सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, तत्काल स्वयं ही खाली कर दें, जिससे की जनहित हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थापना कराई जा सके।
अगर नगर निगम की जमीन पर कब्जा है तो खुद छोड़ दें
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने हेतु नगर निगम टीम के सफल प्रयास को देखते हुए पूरी टीम को विशेष प्रशस्ति पत्र दिये जाने के लिए शासन को प्रस्ताव अनुसंशित कर भेजा जा रहा है। नगर आयुक्त ने यह अपील भी की कि शहर में जिनके द्वारा नगर निगम या सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, तत्काल स्वयं ही खाली कर दें, जिससे की जनहित हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थापना कराई जा सके।