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गोरखपुर वन विभाग: कर्मचारियों ने शुरू की स्टीमर से गश्त, तालों में भी आसानी से की जा सकेगी निगरानी
Mon, 19 Jul 2021 04:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 19 Jul 2021 04:27 PM IST
सार
लखनऊ से प्रशिक्षण के बाद लौटी टीम ने रविवार को फरेंदा रेंज के रेंजर के साथ स्टीमर से सरूआताल की निगरानी की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर वन विभाग की टीम ने स्टीमर से गश्त शुरू कर दी है। इसके लिए कई महीनों पहले ही स्टीमर खरीदे जा चुके थे लेकिन कोविड गाइडलाइंस की वजह से गश्त शुरू नहीं की जा सकी थी। लखनऊ से प्रशिक्षण के बाद लौटी टीम ने रविवार को फरेंदा रेंज के रेंजर के साथ स्टीमर से सरूआताल की निगरानी की।
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि मार्च से ही विभाग को आधुनिक तौर पर निगरानी, गश्ती के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में स्मार्ट स्टिक के अलावा स्टीमर, व अन्य सामान मंगाए गए थे। दरअसल, पिछले दिनों सूचना मिली थी कि सरूआताल में तस्करी की लकड़ी को छिपाया जाता है।
सूचना के आधार पर पिछले वर्ष पर कार्रवाई की गई तो काफी मात्रा में तस्करी की लकड़ी ताल के अंदर से बरामद हुई थी। इसी के बाद स्टीमर से समय-समय पर ताल के अलावा आसपास के इलाके में गश्त किए जाने की रूपरेखा तैयार की थी। मार्च में स्टीमर और इंजन मंगवा लिया गया था लेकिन प्रशिक्षण नहीं मिलने की वजह से इसे चलाने में थोड़ी परेशानी हो रही थी।
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लखनऊ से इसका प्रशिक्षण लेकर लौटे कर्मचारियों ने रविवार को सरूआताल में गश्त की। डीएफओ ने बताया कि अब स्टीमर से गश्त शुरू होने से वन कर्मियों को काफी सहूलियत होगी।
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डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि मार्च से ही विभाग को आधुनिक तौर पर निगरानी, गश्ती के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में स्मार्ट स्टिक के अलावा स्टीमर, व अन्य सामान मंगाए गए थे। दरअसल, पिछले दिनों सूचना मिली थी कि सरूआताल में तस्करी की लकड़ी को छिपाया जाता है।
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सूचना के आधार पर पिछले वर्ष पर कार्रवाई की गई तो काफी मात्रा में तस्करी की लकड़ी ताल के अंदर से बरामद हुई थी। इसी के बाद स्टीमर से समय-समय पर ताल के अलावा आसपास के इलाके में गश्त किए जाने की रूपरेखा तैयार की थी। मार्च में स्टीमर और इंजन मंगवा लिया गया था लेकिन प्रशिक्षण नहीं मिलने की वजह से इसे चलाने में थोड़ी परेशानी हो रही थी।
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लखनऊ से इसका प्रशिक्षण लेकर लौटे कर्मचारियों ने रविवार को सरूआताल में गश्त की। डीएफओ ने बताया कि अब स्टीमर से गश्त शुरू होने से वन कर्मियों को काफी सहूलियत होगी।