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गोरखपुर खाद कारखाना: लोकार्पण के बाद उत्पादन शुरू, 500 मीट्रिक टन बनाई यूरिया
Wed, 08 Dec 2021 11:51 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 08 Dec 2021 11:51 AM IST
सार
पीएम मोदी ने खाद उत्पादन की प्रक्रिया एलईडी स्क्रीन पर देखी। उद्घाटन हो ही 500 मीट्रिक टन यूरिया बनने का बाद 45 से 60 दिनों के लिए उत्पादन बंद कर दिया गया। इस बीच सभी मशीनों की जांच की जाएगी।
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शाम होते ही रोशनी से जगमगा उठा खाद कारखाना।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
लोकार्पण के साथ ही खाद कारखाने में उत्पादन शुरू हो गया। पहले दिन 500 मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन किया गया। शंख ध्वनि के बीच मंगलवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही बटन दबाकर कारखाने का उद्घाटन किया चिमनियों ने धुआं उगलना शुरू कर दिया। मंच और जनसभा स्थल पर लगे 25 एलईडी स्क्रीन पर खाद उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री और आम लोगों ने यूरिया खाद को बनते लाइव देखा। शाम छह बजे तक 500 मीट्रिक टन यूरिया बनाई गई। इसके बाद 45 से 60 दिनों के लिए उत्पादन बंद कर दिया गया। इस बीच सभी मशीनों की जांच की जाएगी। एचयूआरएल के अधिकारियों के मुताबिक फरवरी से नियमित खाद का उत्पादन किया जाएगा।
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लघु फिल्म के जरिए दिखाया गया निर्माण का सफर
प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के बाद एक-एक कर खाद कारखाना, एम्स और आरएमआरसी लैब की खूबियों, उनके निर्माण का सफर और होने वाले लाभ से जुड़े तथ्यों पर आधारित लघु फिल्म एलईडी स्क्रीन पर चलनी शुरू हो गई।
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कुतुबमीनार से दोगुना ऊंचा है प्रिलिंग टॉवर
पीएम के मंच के बाएं तरफ से कुतुबमीनार से दो गुना से ज्यादा ऊंचा खाद कारखाने का प्रिलिंग टॉवर भी दिखाई दे रहा था। 149.5 मीटर ऊंचा यह टॉवर दुनिया के खाद कारखानों में सबसे ऊंचा है। पहले यह उपलब्धि पाकिस्तान के नाम दर्ज थी। गोरखपुर खाद कारखाने के प्रिलिंग टॉवर की ऊंचाई पाकिस्तान के दहरकी के टॉवर से 24.5 मीटर अधिक है।
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