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गोरखपुर एम्स में ओपेन ओपीडी सेवा फिर से शुरू, इन शर्तों पर मिल रहा प्रवेश
Fri, 11 Sep 2020 11:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2020 11:59 AM IST
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गोरखपुर AIIMS।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एम्स में ओपेन ओपीडी सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। ओपीडी में आने वाले मरीजों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास भेजा जा रहा है। डीएमएस डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सबसे पहले फ्लू हेल्प डेस्क पर जाकर थर्मल स्क्रीनिंग करानी होगी।
99 फारेनहाइट तक तापमान वाले लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। इसके बाद मरीज को फार्म-1 भर कर संक्रमित जोन रेड, ऑरेंज या ग्रीन के बारे में जानकारी देनी है। जिसमें बुखार, कफ, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ कमजोरी बदन दर्द एवं पिछले 11 दिनों में किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने की जानकारी मुहैया करानी है।
इन प्रश्नों के जवाब से संतुष्ट होने पर मरीज को फार्म-2 भर कर संबंधित डॉक्टर के पास परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। डॉ. गौरव ने मरीजों से अपील की कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए वे ही मरीज आएं जिन्हें इलाज की सख्त आवश्यकता है। मरीजों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है।
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आयुष भवन में फ्लू टेस्ट की व्यवस्था
डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिस मरीज का तापमान 99 फारेनहाइट से अधिक है उसे फ्लू जांच के लिए आयुष भवन भेजा जा रहा है। यहां मरीज की रैपिड टेस्ट एवं आरटीपीसीआर टेस्ट जांच की जाएगी। परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है।
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99 फारेनहाइट तक तापमान वाले लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। इसके बाद मरीज को फार्म-1 भर कर संक्रमित जोन रेड, ऑरेंज या ग्रीन के बारे में जानकारी देनी है। जिसमें बुखार, कफ, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ कमजोरी बदन दर्द एवं पिछले 11 दिनों में किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने की जानकारी मुहैया करानी है।
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इन प्रश्नों के जवाब से संतुष्ट होने पर मरीज को फार्म-2 भर कर संबंधित डॉक्टर के पास परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। डॉ. गौरव ने मरीजों से अपील की कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए वे ही मरीज आएं जिन्हें इलाज की सख्त आवश्यकता है। मरीजों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है।
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आयुष भवन में फ्लू टेस्ट की व्यवस्था
डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिस मरीज का तापमान 99 फारेनहाइट से अधिक है उसे फ्लू जांच के लिए आयुष भवन भेजा जा रहा है। यहां मरीज की रैपिड टेस्ट एवं आरटीपीसीआर टेस्ट जांच की जाएगी। परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि होने पर मरीज को बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है।