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Gorakhpur News: गोलघर की पार्किंग का टेंडर निरस्त, फिर से जारी होगा
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दूसरी फर्म के आरोपों पर टेंडर किया गया निरस्त
गोरखपुर। नगर निगम की पार्किंग का टेंडर, विवाद के चलते निरस्त हो गया है। इसमें शिकायत करने वाली और टेंडर पाने वाले एजेंसी के विवाद में नगर निगम प्रशासन फंस गया है। टेंडर फाइनल होने वाली फर्म का दावा है कि सभी प्रपत्र पूरे और सही होने के बाद ही उनका टेंडर फाइनल किया गया था। जबकि निविदा में भाग लेने वाली फर्म की शिकायत है कि अनुभव की शर्तों में ढील देकर फर्म को टेंडर जारी किया गया। नगर आयुक्त ने पहले वाले टेंडर को निरस्त कर फिर से टेंडर निकाल दिया है।
गोलघर में सड़क पर खड़ी गाड़ियां अभी नहीं उठाई जाएंगी। क्रेन सेवा के लिए किया गया टेंडर विवादों में घिरा तो नगर निगम ने इसे निरस्त कर दिया। अब नए सिरे से टेंडर किया गया है। इस बार अनुभव की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। सेवा शुरू होने के बाद गोलघर में सड़क पर वाहन खड़ा किया तो चार पहिया वाहन पर एक हजार और दो पहिया वाहन पर पांच सौ रुपये देने पड़ेंगे।
दरअसल, जलकल परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग शुरू होने के बाद भी कम संख्या में ही वाहन खड़े होते हैं। छह सौ से ज्यादा वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग में कभी-कभार ही सौ वाहन खड़े हो पाते हैं। पिछले दिनों नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी की तो एक एजेंसी ने बिना अनुभव वाली एजेंसी को काम देने की कोशिश का आरोप लगाया। एजेंसी की ओर से नगर आयुक्त को पत्र भी दिया गया।
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बताया गया कि अनुभव न होने के बाद भी उस एजेंसी को जबरदस्ती क्लालिफाई कराया गया था। मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान ने कहा कि नगर निगम के सरकारी टेंडर में बार-बार शिकायत होने पर उसे निरस्त किया गया है।फिर से टेंडर होगा और सभी फर्में इसमें प्रतिभाग कर सकेंगी। ये अंतिम टेंडर होगा। सभी प्रपत्रों की जांच के बाद जिसे टेंडर मिलेगा, अंतिम निर्णय कर दिया जाएगा। विभागीय टेंडर निरस्त होना विभागीय निर्णय है। अनुभव की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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गोरखपुर। नगर निगम की पार्किंग का टेंडर, विवाद के चलते निरस्त हो गया है। इसमें शिकायत करने वाली और टेंडर पाने वाले एजेंसी के विवाद में नगर निगम प्रशासन फंस गया है। टेंडर फाइनल होने वाली फर्म का दावा है कि सभी प्रपत्र पूरे और सही होने के बाद ही उनका टेंडर फाइनल किया गया था। जबकि निविदा में भाग लेने वाली फर्म की शिकायत है कि अनुभव की शर्तों में ढील देकर फर्म को टेंडर जारी किया गया। नगर आयुक्त ने पहले वाले टेंडर को निरस्त कर फिर से टेंडर निकाल दिया है।
गोलघर में सड़क पर खड़ी गाड़ियां अभी नहीं उठाई जाएंगी। क्रेन सेवा के लिए किया गया टेंडर विवादों में घिरा तो नगर निगम ने इसे निरस्त कर दिया। अब नए सिरे से टेंडर किया गया है। इस बार अनुभव की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। सेवा शुरू होने के बाद गोलघर में सड़क पर वाहन खड़ा किया तो चार पहिया वाहन पर एक हजार और दो पहिया वाहन पर पांच सौ रुपये देने पड़ेंगे।
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दरअसल, जलकल परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग शुरू होने के बाद भी कम संख्या में ही वाहन खड़े होते हैं। छह सौ से ज्यादा वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग में कभी-कभार ही सौ वाहन खड़े हो पाते हैं। पिछले दिनों नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी की तो एक एजेंसी ने बिना अनुभव वाली एजेंसी को काम देने की कोशिश का आरोप लगाया। एजेंसी की ओर से नगर आयुक्त को पत्र भी दिया गया।
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बताया गया कि अनुभव न होने के बाद भी उस एजेंसी को जबरदस्ती क्लालिफाई कराया गया था। मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान ने कहा कि नगर निगम के सरकारी टेंडर में बार-बार शिकायत होने पर उसे निरस्त किया गया है।फिर से टेंडर होगा और सभी फर्में इसमें प्रतिभाग कर सकेंगी। ये अंतिम टेंडर होगा। सभी प्रपत्रों की जांच के बाद जिसे टेंडर मिलेगा, अंतिम निर्णय कर दिया जाएगा। विभागीय टेंडर निरस्त होना विभागीय निर्णय है। अनुभव की शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।