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किसानों से जमीन खरीदकर बनाया था आलीशान मकान, अब जीडिए ने थमा दिया ध्वस्तीकरण का नोटिस
Mon, 30 Nov 2020 12:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 30 Nov 2020 12:56 PM IST
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अधिग्रहीत जमीन पर निर्माण कराने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया है। सबको 15 दिन का समय दिया गया है, फिर एंटी भू-माफिया कानून के तहत कार्रवाई होगी।
जानकारी के मुताबिक, जीडीए ने वर्ष 1988 से 1990 के दौरान गोरखनाथ रोड पर शास्त्रीनगर आवासीय योजना के लिए लगभग 49 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। अधिकांश हिस्से पर जीडीए द्वारा आवासीय योजना विकसित की जा चुकी है। कुछ किसानों ने मुआवजा लिया लेकिन कब्जा नहीं छोड़ा था।
जमीन का दाखिल खारिज भी जीडीए के पक्ष में नहीं हुआ था। लिहाजा, दूसरे व्यक्तियों को जमीन बेच दी गई। इन किसानों ने पहले मुआवजा लिया, फिर जमीन बेचकर लाभ कमाया। अब जमीन खरीदने वाले परेशान हैं। वह जीडीए का चक्कर काट रहे हैं। इसी बीच ध्वस्तीकरण का नोटिस थमा दिया है। इस जमीन को जीडीए ने तीस साल पहले अधिग्रहीत किया था।
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जानकारी के मुताबिक, जीडीए ने वर्ष 1988 से 1990 के दौरान गोरखनाथ रोड पर शास्त्रीनगर आवासीय योजना के लिए लगभग 49 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। अधिकांश हिस्से पर जीडीए द्वारा आवासीय योजना विकसित की जा चुकी है। कुछ किसानों ने मुआवजा लिया लेकिन कब्जा नहीं छोड़ा था।
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जमीन का दाखिल खारिज भी जीडीए के पक्ष में नहीं हुआ था। लिहाजा, दूसरे व्यक्तियों को जमीन बेच दी गई। इन किसानों ने पहले मुआवजा लिया, फिर जमीन बेचकर लाभ कमाया। अब जमीन खरीदने वाले परेशान हैं। वह जीडीए का चक्कर काट रहे हैं। इसी बीच ध्वस्तीकरण का नोटिस थमा दिया है। इस जमीन को जीडीए ने तीस साल पहले अधिग्रहीत किया था।
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किसानों से खरीदी थी जमीन
शास्त्रीनगर में चंद्रसेन सैनी, गंगादीन त्रिपाठी, ऊषा देवी, रवि भूषण नाथ सहाय, शारदा देवी व मनीषा देवी ने किसानों से जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री कराने के बाद वर्षों से जिस जमीन को ये लोग अपना मान रहे थे, जीडीए अब इसे अपना बता रहा है। जीडीए ने उक्त जमीन पर कराए गए निर्माण को अतिक्रमण करार दे दिया है।
जीडीए के सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि 15 दिन में इन लोगों से जवाब देने को कहा गया है। उचित जवाब न देने की स्थिति में जीडीए ने खुद अतिक्रमण को हटाने की चेतावनी दी है। इन लोगों के खिलाफ एंटी भू-माफिया कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जीडीए के सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि 15 दिन में इन लोगों से जवाब देने को कहा गया है। उचित जवाब न देने की स्थिति में जीडीए ने खुद अतिक्रमण को हटाने की चेतावनी दी है। इन लोगों के खिलाफ एंटी भू-माफिया कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।