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टॉप टेन बदमाशों की सूची में शामिल विनोद उपाध्याय भेजा गया जेल
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जेल भेजे गये विनोद उपाध्याय
- फोटो : GORAKHPUR CITY
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गोरखपुर। कोतवाली पुलिस ने जिले की टॉप टेन बदमाशों की सूची में शामिल विनोद उपाध्याय को शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जबरिया वसूली के आरोप में गत 11 जून को दर्ज मुकदमे में कोतवाली पुलिस को विनोद उपाध्याय की तलाश थी। क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर कोतवाली पुलिस ने विनोद को शुक्रवार को उसके लखनऊ के गोमती नगर स्थित आवास से पकड़ा था। विनोद को डेयरी कॉलोनी स्थित अस्थायी जेल में रखा गया है।
विनोद की गिरफ्तारी की खबर के बाद जिले के टॉप टेन बदमाशों में दहशत है। कानपुर मुठभेड़ कांड के बाद पुलिस ने बदमाशों पर सख्ती बढ़ाई तो इनमें से कई ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि कुछ को पुलिस ने दबोच लिया। विनोद से पहले, टॉप टेन में शामिल इनामी बदमाश राकेश यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया था। अब सूची में शामिल अन्य बदमाशों और माफिया के बारे में क्राइम ब्रांच जानकारी जुटा रही है।
टॉप टेन बदमाशों की सूची में शामिल है विनोद
कानपुर की घटना के बाद प्रदेश के सभी जिलों में टॉप-10 बदमाशों की सूची तैयारी की गई है। गोरखपुर में बनी टॉप टेन की सूची में विनोद उपाध्याय को भी शामिल किया गया। सूची में शामिल वांछित बदमाशों की तलाश में पुलिस जुटी तो विनोद के खिलाफ कोतवाली में दर्ज केस में उसका वांछित होना सामने आया। इसके बाद क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर कोतवाली पुलिस ने विनोद के लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
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छात्र नेता की हत्या के मामले पहली बार जेल गया था विनोद
विनोद उपाध्याय पर गोरखपुर व संतकबीरनगर में हत्या, धमकी देने, रंगदारी मांगने, आर्म्स एक्ट आदि के आरोपों में करीब 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पहली बार विनोद शास्त्री चौक के एक होटल में छात्र नेता की गोली मारकर हत्या के आरोप में जेल गया था। इसके बाद उस पर संतकबीरनगर के बखिरा में जेल से छूटे एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था। इस मामले में वह बस्ती के जेल में बंद रहा।
गोरखपुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने गैंगवार की घटना के बाद विनोद उपाध्याय सुर्खियों में आ गया। विनोद पर डिप्टी जेलर राजेश मौर्या के घर पर पिस्टल व स्कूटी लूटने व जानलेवा हमला करने के साथ ही टॉवर पर ड्यूटी कर रहे बंदीरक्षकों पर हमला कर मोबाइल फोन लूटने का भी आरोप लग चुका है। विनोद का नाम सुर्खियों में आया तो वह यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में भी अपनी दखल देने लगा था। विनोद जेल से ही बसपा के टिकट पर शहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुका है।
गुंडा व गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई
माफिया विनोद उपाध्याय ने सबसे ज्यादा अपराध तीन थाना क्षेत्रों में किया है। इसमें गोरखनाथ, शाहपुर और कैंट शामिल हैं। तीन थाना क्षेत्रों में दहशत फैलाकर ही विनोद ने गुंडा टैक्स वसूलना शुरू किया था। एक मामला सीबीसीआईडी में चल रहा है। गोरखनाथ थाने से ही गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी। संतकबीरनगर में दो मामले दर्ज हैं। बखिरा थाने से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई है। हत्या और हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है।
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विनोद की गिरफ्तारी की खबर के बाद जिले के टॉप टेन बदमाशों में दहशत है। कानपुर मुठभेड़ कांड के बाद पुलिस ने बदमाशों पर सख्ती बढ़ाई तो इनमें से कई ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि कुछ को पुलिस ने दबोच लिया। विनोद से पहले, टॉप टेन में शामिल इनामी बदमाश राकेश यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया था। अब सूची में शामिल अन्य बदमाशों और माफिया के बारे में क्राइम ब्रांच जानकारी जुटा रही है।
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टॉप टेन बदमाशों की सूची में शामिल है विनोद
कानपुर की घटना के बाद प्रदेश के सभी जिलों में टॉप-10 बदमाशों की सूची तैयारी की गई है। गोरखपुर में बनी टॉप टेन की सूची में विनोद उपाध्याय को भी शामिल किया गया। सूची में शामिल वांछित बदमाशों की तलाश में पुलिस जुटी तो विनोद के खिलाफ कोतवाली में दर्ज केस में उसका वांछित होना सामने आया। इसके बाद क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर कोतवाली पुलिस ने विनोद के लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
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छात्र नेता की हत्या के मामले पहली बार जेल गया था विनोद
विनोद उपाध्याय पर गोरखपुर व संतकबीरनगर में हत्या, धमकी देने, रंगदारी मांगने, आर्म्स एक्ट आदि के आरोपों में करीब 27 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पहली बार विनोद शास्त्री चौक के एक होटल में छात्र नेता की गोली मारकर हत्या के आरोप में जेल गया था। इसके बाद उस पर संतकबीरनगर के बखिरा में जेल से छूटे एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था। इस मामले में वह बस्ती के जेल में बंद रहा।
गोरखपुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने गैंगवार की घटना के बाद विनोद उपाध्याय सुर्खियों में आ गया। विनोद पर डिप्टी जेलर राजेश मौर्या के घर पर पिस्टल व स्कूटी लूटने व जानलेवा हमला करने के साथ ही टॉवर पर ड्यूटी कर रहे बंदीरक्षकों पर हमला कर मोबाइल फोन लूटने का भी आरोप लग चुका है। विनोद का नाम सुर्खियों में आया तो वह यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में भी अपनी दखल देने लगा था। विनोद जेल से ही बसपा के टिकट पर शहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुका है।
गुंडा व गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई
माफिया विनोद उपाध्याय ने सबसे ज्यादा अपराध तीन थाना क्षेत्रों में किया है। इसमें गोरखनाथ, शाहपुर और कैंट शामिल हैं। तीन थाना क्षेत्रों में दहशत फैलाकर ही विनोद ने गुंडा टैक्स वसूलना शुरू किया था। एक मामला सीबीसीआईडी में चल रहा है। गोरखनाथ थाने से ही गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी। संतकबीरनगर में दो मामले दर्ज हैं। बखिरा थाने से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई है। हत्या और हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है।