गोरखपुर में बाढ़ का खतरा: फिर उफनाई राप्ती, 24 घंटे में ही सवा दो मीटर बढ़ा जलस्तर
गोरखपुर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि नेपाल में बारिश होने से राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ा है। नदियों की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सजग रहने के लिए कहा गया है।
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नेपाल में जोरदार बारिश से राप्ती फिर उफनाने लगी। इसका असर गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी नजर आने लगा है। बुधवार को सिर्फ 24 घंटे में राप्ती नदी सवा दो मीटर बढ़ गई। रोहिन और घाघरा नदी के जलस्तर में भी बढ़ाव दर्ज किया गया। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सिद्धार्थनगर से होकर बहने वाली बूढ़ी राप्ती के जलस्तर में 24 घंटे में ही चार मीटर से अधिक का इजाफा हुआ है।
वहीं, राप्ती, कूड़ा, बानगंगा और घोघी नदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है।। महराजगंज में गंडक नदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़े रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदियों के जलस्तर की निगरानी तेज कर दी गई है। बंधों की मरम्मत कार्य में भी तेजी बढ़ा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की शाम बर्डघाट में राप्ती का जलस्तर 69.990 मीटर था, जो 24 घंटे के बाद बुधवार की शाम चार बजे बढ़कर 72.190 मीटर पहुंच गया। 24 घंटे में ही राप्ती नदी 2.20 मीटर बढ़ गई। इसी तरह से घाघरा नदी और रोहिन में बढ़ाव दर्ज किया गया है। अयोध्या पुल पर लगे गेज पर मंगलवार की शाम चार बजे घाघरा नदी का पानी 92.130 मीटर था, जो कि बुधवार की शाम 92.270 मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा रोहिन नदी का पानी त्रिमुहानीघाट पर 77.500 था जो 24 घंटे के बाद बढ़कर 77.840 मीटर पहुंच गया। इसके अलावा अन्य नदियों में भी बढ़ाव दर्ज किया गया है।
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सिद्धार्थनगर में मंगलवार शाम आठ बजे बूढ़ी राप्ती का 80.400 मीटर पर था, जो बुधवार सुबह बढ़कर 84.850 मीटर पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान 85.650 मीटर से नीचे हैं, लेकिन चेतावनी बिंदु 84.650 मीटर को पार कर गई है। इससे जोगिया, उसका बाजार क्षेत्र में नदी की कटान तेज हो गई है। बानगंगा नदी में पानी बढ़ने से कोमर, महथा, लेदवा, गजहड़ा गोल्हौरा, नौडिहवा, रामगढ़वा, खड़कुईया, चंपापुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
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बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है। इससे करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार बुधवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 46 सेंटीमीटर नीचे रहा। नदी व तटबंध के बीच बसे सुविकाबाबू गांव जाने वाले रास्ते के अगल-बगल तक नदी का पानी पहुंच गया है।
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गोरखपुर के जिला आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बताया कि नेपाल में बारिश हो रही है। इससे वहां का जलस्तर बढ़ने लगा है। यदि वहां की पहाड़ियों में बारिश जारी रही तो आगे चलकर बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। इसको देखते हुए बाढ़ बचाव से जुड़े सभी विभागों को सजग किया गया है। हालांकि नदियों के खतरे के निशान से ऊपर जाने पर ही बंधों पर कोई खतरा रहेगा।
गोरखपुर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि नेपाल में बारिश होने से राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ा है। नदियों की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सजग रहने के लिए कहा गया है।