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गोरखपुर: उद्यमियों को नहीं मिल रहा है सीजीएसटी रिफंड का फायदा, जानिए क्या है पूरा मामला

Thu, 15 Jul 2021 01:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 15 Jul 2021 01:22 PM IST
सार

लघु उद्योग भारती ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को दिया

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Entrepreneurs not getting benefit of CGST refund in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर में लघु उद्योग भारती ने कहा कि विभिन्न प्रावधानों की वजह से औद्योगिक नीति के अनुसार उद्यमियों को सीजीएसटी रिटर्न का फायदा नहीं मिल पा रहा है। लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक ज्ञापन बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें सौंपा।
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लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्यमंत्री से मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश नीति 2017 में 5% ब्याज उपादान और 90% सीजीएसटी रिफंड की बात कही गयी है।
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विभाग का कहना है कि उद्यमी द्वारा जो सीजीएसटी प्रत्येक माह जमा किया जाएगा। उसी का 90% सीजीएसटी रिफंड किया जाएगा और 5% ब्याज उपादान भी उसी से समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्यमी जब अपना उद्योग लगाता है, तब प्लांट और मशीनरी के मद में जो जीएसटी जमा करता है, उसी को समायोजित करने में तीन से चार साल लग जाते हैं। अत: उसे नगद में जीएसटी जमा नहीं करना पड़ेगा। इस कारण औद्योगिक निवेश नीति 2017 में 5% ब्याज उपादान और 90% सीजीएसटी रिफंड का फायदा नहीं मिल पा रहा।
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औद्योगिक निवेश नीति 2017 के पहले 5% ब्याज उपादान उद्यमियों को अलग से मिल रहा था तथा अन्य प्रदेशों में भी 5% ब्याज उपादान दिया जा रहा है, जिसका कोई समायोजन नहीं है। उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रमोशन पॉलिसी 2017 में एमएसएमई की उत्पादन तिथि को पांच साल तक तक 1/- प्रति यूनिट इलेक्ट्रिक चार्ज में छूट की बात कही गयी है, परंतु ऐसा भी हो नहीं रहा है। प्रतिनिधिमंडल में सुधांशु टिबरेवाल और अशोक शॉ आदि शामिल रहे।


सीधे खाते में ही जाएगी यूनिफार्म की रकम
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने कहा कि गोरखपुर के बुनकरों का 80% कारोबार सरकारी स्कूल ड्रेस के टेंडर पर ही निर्भर रहता है। कोरोना के कारण पिछले साल से अभी तक स्कूल नहीं खुले। उसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा सीधे खाते में धन भेजे जाने के निर्णय से इस समय गोरखपुर के सभी पावरलूम बंद हैं और बुनकरों के पास कोई भी काम नहीं है। उनके सामने भुखमरी की नौबत आ गयी है। मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का सादर अनुरोध किया, परंतु मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश सरकार द्वारा सीधे खाते में ही धन भेजा जाएगा।
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