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अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस : पिता-भाई की प्रेरणा से मुफलिसी को मात दे गोविंद बने इंजीनियर
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अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस ः महराजगंज ः गोविन्द वर्मा
- फोटो : MAHARAJGANJ
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस : पिता-भाई की प्रेरणा से मुफलिसी को मात दे गोविंद बने इंजीनियर
- खुशहाल नगर हाल्ट पर गोविंद के पिता-भाई ने मूंगफली बेचकर उन्हें पढ़ाया
- कॉलेज की छुट्टियों में घर आने पर गोविंद भी बंटाते थे पिता-भाई का हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गरीबी अभिशाप है। खुशहालनगर के गोविंद वर्मा ने इस कथन को झुठला दिया। पिता-भाई की प्रेरणा और खुद के जुनून से मुफलिसी में भी उन्होंने अपनी जिंदगी संवार ली। पढ़ाई के दौरान छुट्टियों में वे जब भी घर आते थे खुशहालनगर रेलवे हाल्ट पर मूंगफली बेचने में पिता व भाई का सहयोग करते थे।
घुघली ब्लॉक के खुशहाल नगर निवासी गोविंद अपनी आपबीती बताते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि पिता अयोध्या वर्मा ने खुशहालनगर हाल्ट (रेलवे स्टेशन) पर मूंगफली बेचकर मुझे पढ़ाया। उम्र ज्यादा होने के कारण दो साल से घर वह घर ही रहते हैं। बड़े भाई सुभाष हाल्ट पर मूंगफली की दुकान चलाते हैं। भाई ने समय-समय पर हौसला बढ़ाया। परिणाम स्वरूप गरीबी पढ़ाई में बाधक नहीं बन सकी। परिवार की मेहनत देखकर मन में ठान लिया कि कुछ करना है। गोरखपुर राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज से इलेक्ट्रिक ट्रेड में डिप्लोमा किया। पढ़ाई के दौरान जब वे छुट्टी में घर आते पिता-भाई का काम में हाथ बंटाते। मूंगफली भी बेचने जाते। पिता-बड़े भाई हमेशा यही कह कर हौसला बढ़ाते रहे कि एक दिन इंजीनियर बनकर सपना जरूर पूरा करना। उपलब्ध संसाधन में बेहतर करने की कोशिश की। वर्ष 2020 में पूर्वोत्तर रेलवे में सेक्सन इंजीनियर के पद पर 26 साल की उम्र में तैनाती मिली। उन्हाेंने कहा कि आगे बढ़ने में गरीबी कोई मायने नहीं रखती, बस व्यक्ति के अंदर कुछ करने की दृढ़ इच्छा शक्ति होनी चाहिए। युवाओं को हमेशा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। समस्या अपने आप दूर होती चली जाएगी।
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- खुशहाल नगर हाल्ट पर गोविंद के पिता-भाई ने मूंगफली बेचकर उन्हें पढ़ाया
- कॉलेज की छुट्टियों में घर आने पर गोविंद भी बंटाते थे पिता-भाई का हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गरीबी अभिशाप है। खुशहालनगर के गोविंद वर्मा ने इस कथन को झुठला दिया। पिता-भाई की प्रेरणा और खुद के जुनून से मुफलिसी में भी उन्होंने अपनी जिंदगी संवार ली। पढ़ाई के दौरान छुट्टियों में वे जब भी घर आते थे खुशहालनगर रेलवे हाल्ट पर मूंगफली बेचने में पिता व भाई का सहयोग करते थे।
घुघली ब्लॉक के खुशहाल नगर निवासी गोविंद अपनी आपबीती बताते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि पिता अयोध्या वर्मा ने खुशहालनगर हाल्ट (रेलवे स्टेशन) पर मूंगफली बेचकर मुझे पढ़ाया। उम्र ज्यादा होने के कारण दो साल से घर वह घर ही रहते हैं। बड़े भाई सुभाष हाल्ट पर मूंगफली की दुकान चलाते हैं। भाई ने समय-समय पर हौसला बढ़ाया। परिणाम स्वरूप गरीबी पढ़ाई में बाधक नहीं बन सकी। परिवार की मेहनत देखकर मन में ठान लिया कि कुछ करना है। गोरखपुर राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज से इलेक्ट्रिक ट्रेड में डिप्लोमा किया। पढ़ाई के दौरान जब वे छुट्टी में घर आते पिता-भाई का काम में हाथ बंटाते। मूंगफली भी बेचने जाते। पिता-बड़े भाई हमेशा यही कह कर हौसला बढ़ाते रहे कि एक दिन इंजीनियर बनकर सपना जरूर पूरा करना। उपलब्ध संसाधन में बेहतर करने की कोशिश की। वर्ष 2020 में पूर्वोत्तर रेलवे में सेक्सन इंजीनियर के पद पर 26 साल की उम्र में तैनाती मिली। उन्हाेंने कहा कि आगे बढ़ने में गरीबी कोई मायने नहीं रखती, बस व्यक्ति के अंदर कुछ करने की दृढ़ इच्छा शक्ति होनी चाहिए। युवाओं को हमेशा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। समस्या अपने आप दूर होती चली जाएगी।
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