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गोरखपुर: गर्भवती की हालत बिगड़ी तो ईएमटी ने एंबुलेंस में ही कराया प्रसव, जच्चा-बच्चा स्वस्थ
Tue, 11 May 2021 10:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 11 May 2021 10:45 AM IST
सार
प्रसव के बाद स्वस्थ जच्चा-बच्चा को पिपरौली सीएचसी पहुंचाया गया। जहां दोनों को पर्यवेक्षण और स्वास्थ लाभ के लिए भर्ती कर लिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में 102 एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल लाई जा रही गर्भवती की हालत बिगड़ी तो इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) और चालक ने रास्ते में ही प्रसव कराया। प्रसव के बाद स्वस्थ जच्चा-बच्चा को पिपरौली सीएचसी पहुंचाया गया। जहां दोनों को पर्यवेक्षण और स्वास्थ लाभ के लिए भर्ती कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार नौसड़ निवासी दिलीप की पत्नी संगीता नौ माह की गर्भवती थीं। सोमवार को संगीता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो दिलीप ने 102 पर कॉल कर मदद मांगी। बीस मिनट बाद चालक वीरेंद्र और ईएमटी यार मोहम्मद पहुंचे।
संगीता को पति के साथ एंबुलेंस में लेकर पिपरौली सीएचसी रवाना हुए। टोल प्लाजा के पास संगीता की पीड़ा बढ़ गई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर ईएमटी ने फौरन प्रसव कराने का फैसला लिया।
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चालक और ईएमटी ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुरक्षित प्रसव कराया और गर्भनाल काट कर माता-शिशु को अलग किया। इसके बाद जच्चा बच्चा को सीएचसी पहुंचाया गया।
प्रोग्राम मैनेजर अजय उपाध्याय और हेल्प डेस्क मैनेजर बृजेश तिवारी ने बताया कि जच्चा-बच्चा को डॉक्टरों ने जांच कर दोनों को सुरक्षित बताया। डॉक्टरों ने एंबुलेंस के चालक व तकनीशियन को शाबाशी भी दी।
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जानकारी के अनुसार नौसड़ निवासी दिलीप की पत्नी संगीता नौ माह की गर्भवती थीं। सोमवार को संगीता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो दिलीप ने 102 पर कॉल कर मदद मांगी। बीस मिनट बाद चालक वीरेंद्र और ईएमटी यार मोहम्मद पहुंचे।
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संगीता को पति के साथ एंबुलेंस में लेकर पिपरौली सीएचसी रवाना हुए। टोल प्लाजा के पास संगीता की पीड़ा बढ़ गई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर ईएमटी ने फौरन प्रसव कराने का फैसला लिया।
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चालक और ईएमटी ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुरक्षित प्रसव कराया और गर्भनाल काट कर माता-शिशु को अलग किया। इसके बाद जच्चा बच्चा को सीएचसी पहुंचाया गया।
प्रोग्राम मैनेजर अजय उपाध्याय और हेल्प डेस्क मैनेजर बृजेश तिवारी ने बताया कि जच्चा-बच्चा को डॉक्टरों ने जांच कर दोनों को सुरक्षित बताया। डॉक्टरों ने एंबुलेंस के चालक व तकनीशियन को शाबाशी भी दी।