UP Election 2022: गोरखपुर से साधा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का चुनावी समीकरण, एकजुटता का दिया संदेश
गोरखपुर से साधा विधानसभा सीटों का समीकरण, पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता से समर्थन मांगा।
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मुख्यमंत्री व शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी योगी आदित्यनाथ के नामांकन के बहाने भाजपा ने ताकत का अहसास कराया है। दिग्गज नेताओं को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश दिया। गोरखपुर से ही उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा सीट का समीकरण साधा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर खास ध्यान रहा। अच्छी कानून-व्यवस्था का जिक्र बार-बार करके पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता से समर्थन मांगा गया।
नामांकन से पहले महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन किया गया। गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह एक साथ मंच पर आए। इसी बीच एलान हुआ कि भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद व अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष आशीष पटेल भी मंच पर आ गए हैं। गोरखपुर के नौ विधानसभा क्षेत्रों में ही निषाद मतदाताओं की संख्या करीब पांच लाख है। गोरखपुर ग्रामीण, कैंपियरगंज, सहजनवां, पिपराइच, चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में निषाद मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
निशाना पश्चिम उत्तर प्रदेश
गृहमंत्री अमित शाह ने मंच संभाला तो निशाना पश्चिम उत्तर प्रदेश रहा। गृहमंत्री ने भारत माता के जयकारे लगवाए, फिर रुककर कहा कि आवाज इतनी जोर से आनी चाहिए कि गूंज सहारनपुर तक सुनाई पड़े। मंच से ही गरीब, शोषित, वंचित, अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की बात की और कहा कि मोदी-योगी की जोड़ी का एजेंडा जनकल्याण है। एक ही मकसद यूपी का विकास है। बार-बार कानून का राज बताकर पश्चिम उत्तर प्रदेश की जनता को अहसास दिलाने का प्रयास किया कि योगी राज में सब कुछ सुरक्षित है।
आजम, अतीक व मुख्तार अंसारी को जेल भेजने व भाजपा सरकार बनने के बाद बाहर न आने की बात कहना भी रणनीति का हिस्सा है। भाजपा को भरोसा है कि कानून-व्यवस्था के मसले पर ही पश्चिम उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता मिलेगी।
कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया
गृहमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाया। गृहमंत्री ने कहा कि बूथ, सेक्टर व मंडल स्तरीय कमेटी ही जीत दिलाती है। यही भाजपा की ताकत है। मतदान के दिन पन्ना प्रमुख की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। एक-एक मतदाता घर से बाहर आए और निश्चित मतदान करें, यह सुनिश्चित करना है।
गृहमंत्री का गोरखपुर आना रणनीति का हिस्सा
गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच खटपट की बात विपक्ष लगातार प्रचारित कर रहा था। दोनों के बीच खटास की खबरें सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित की जा रही थीं। लिहाजा, भाजपा आलाकमान ने रणनीति के तहत गृृहमंत्री को गोरखपुर भेजा। गृहमंत्री ने कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लिया। मंच से योगी आदित्यनाथ की खूब तारीफ की। योगी के साथ कलेक्ट्रेट जाकर नामांकन भी कराया, फिर गोरखनाथ मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया। भाजपाई कहते हैं कि अब तो विपक्ष व सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार करने वालों को जवाब मिल गया है। साफ हो गया कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक है। एकजुट होकर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
धार्मिक एजेंडे को धार दी
भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान अयोध्या के संत व साध्वी का एक दल भी मौजूद रहा। गदा लेकर आए संत को मंच पर बुलाया गया। साध्वी ने गृहमंत्री व मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र भेंट करके टीका लगाया। इसके जरिए भाजपा ने धार्मिक एजेंडे को धार दी है।
गोरखपुर क्षेत्र में मिलेगी बड़ी जीत: योगी
भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के लिहाज से गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल में विधानसभा की 62 सीटें हैं। 2017 के चुनाव में भाजपा व उसके सहयोगी दलों को 46 सीटें मिली थीं। इस बार भाजपा सहयोगी निषाद पार्टी व अपना दल (एस) के साथ मैदान में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि क्षेत्र के तीन मंडलों के दस जिलों का चुनाव छठवें व सातवें चरण में होना है। इस बार भाजपा को बड़ी जीत मिलेगी।