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इस मछली को देखकर हैरान रह गए लोग, बोले- 'ये तो समुद्र वाली है'

Sat, 25 Jul 2020 03:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 25 Jul 2020 03:00 PM IST
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Dolphin fish found in Kuda River at Siddharthnagar
लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी मछली। - फोटो : अमर उजाला।

भारत की राष्ट्रीय जल प्राणि गंगा डॉल्फिन शनिवार को सिद्धार्थनगर में बहने वाली कूूड़ा नदी में शनिवार सुबह पाई गई। सोहांस बाजार स्थित गांव कूकुर भूकवा गांव के किनारे नदी की कटान में फंसी अचेत  डॉल्फिन पर जब ग्रामीणोंं की नजर गई तो क्षेत्र में चर्चा होने लगी।

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समझदार लोगों ने वन विभाग और क्षेत्रीय विधायक को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही विधायक श्याम धनी राही मौके पर पहुंच गए और डॉल्फिन को मृत मानते हुए कूड़ा नदी में प्रवाहित करवा दिया। डॉल्फिन के पाए जाने को शुभ लक्षण मानते हुए वन विभाग की टीम अब नदी में इस जीव और उसकी बस्ती की तलाश में जुट गई है।
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जिला वन अधिकारी आकाशदीप वधावन ने बताया कि गंगा नदी की डॉल्फिन राष्ट्रीय जल प्राणि है। वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्राणि है। कूड़ा नदी में इस प्राणि का पाया जाना नदी के जलीय स्वास्थ्य के लिए शुभ लक्षण है।
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जल परिस्थतिकीय तंत्र के लिए शुभ संकेत

गंगा डॉल्फिन नदियों के साफ जल में रहने वाला प्राणि है, इसका यहां पाया इस बात का द्योतक है कि नदी का पानी जलीय जंतुओं के लायक है। नदी में और भी डॉल्फिन हो सकती हैं, इसका पता लगाने के लिए कुकुर भूकवा गांव से नदी के अपस्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम पांच-पांच किलोमीटर दूर तक तलाश की जा रही है।

गांव वालों ने बताया कि उन्होंने इस क्षेत्र में कभी यह मछली नहीं देखी है। जिला वन अधिकारी के अनुसार डॉल्फिन मिलने के बाद   इस नदी और आसपास की नदियों का अध्ययन किया जाएगा इसमें लखनऊ और दिल्ली की वन्य जीवन टीमें भी शामिल होंगी।

जिला वन अधिकारी आकाशदीप वधावन ने बताया कि संरक्षित प्राणि सूंस या गंगा नदी डॉल्फिन जल परिस्थिकीय तंत्र के लिए शुभ संकेत है। सूंस प्राकृतिक परिमार्जक (नेचुरल एक्सकेवेंजर) है, यानी जल में पाए जाने वाले मृत जीवों को खाकर जलीय प्रदूषण समाप्त करती है। वन्य जीव जानकारों के अनुसार गंगा डॉल्फिन का केंद्र पटना के पास गंगा नदी है। बाढ़ आने पर यह प्राणी धारा के विपरीत तैरता है, संभव है कि डॉल्फिन का बड़ा झुंड यहां पहुंचा हो।

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