धनतेरस: सोने-चांदी की चमक से चमका बाजार, खरीदारों का उमड़ा रेला
धनतेरस में खरीदारी का ट्रेंड अब काफी हद तक बदल गया है। शगुन के नाम पर सिर्फ सोने, चांदी के सिक्के और बर्तन खरीदने की बजाए लोग इस मौके पर अपने रोजमर्रा की जरूरतों की खरीदारी करते हैं।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के कोरोना की मार से उबर कर धनतेरस पर सोने-चांदी की चमक से बाजार चमक उठा। बाजार पर महंगाई का कोई असर नजर नहीं आया। बर्तन से लेकर टीवी-फ्रीज, बाइक से लेकर कार तक के अलावा आभूषणों के बाजारों में भी खूब रौनक रही। सभी बाजारों में मेले सा नजारा नजर आया। खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी पड़ी। ऑफरों की वजह से खरीदारों की चांदी रही और जमकर खरीदारी हुई। आस्था के आगे महंगाई और मंदी धराशायी हो गई। बाजार में करोड़ों की धनवर्षा हुई।
जानकारों के अनुसार, शहर में 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ। मंगलवार को धनतेरस के मौके पर सुबह से शाम तक बाजार का नजारा कुछ ऐसा था कि मानो पूरे शहर में मेला लगा हुआ हो। और हर रास्ते बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लाइंसेज, ऑटोमोबाइल, टू-ह्वीलर की दुकानों की ओर जा रहे हों।
बदल गया है ट्रेंड
दरअसल धनतेरस में खरीदारी का ट्रेंड अब काफी हद तक बदल गया है। शगुन के नाम पर सिर्फ सोने, चांदी के सिक्के और बर्तन खरीदने की बजाए लोग इस मौके पर अपने रोजमर्रा की जरूरतों की खरीदारी करते हैं। सपनों की कार एवं बाइक के लिए तो लोग एडवांस बुकिंग कराते हैं और डिलीविरी का दिन धनतेरस का तय करते हैं। धनतेरस के शुभ मौके पर कार से लेकर सोफा तक तो टू- व्हीलर से लेकर टीवी तक लोगों की पसंद बन गए हैं।
खास समारोह की तरह सजे दुकान
लोगों को आकर्षित करने और उत्सव के लिए मनाने के लिए दुकानदार भी बेसब्र रहे। रंग बिरंगे सजावटी फूलों से सजे इन दुकानों की रौनक खरीदारों की भीड़ ने बढ़ा दी। दोपहर तक तो दुकानों में सामान्य सी भीड़ थी, लेकिन दोपहर बाद से लेकर रात तक बाजार में खरीदारों का तांता लगा रहा।
200 करोड़ से ज्यादा से रहा सराफा बाजार
धनतेरस के शुभ महोत्सव पर ज्वेलरी बाजार देर रात तक गुलजार रहा। सोने चांदी के सिक्के के अलावा चांदी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की भी जमकर खरीदारी हुई, लेकिन इस बार एक नया ट्रेंड यह रहा कि लोगों ने फैंसी गोल्ड के अलावा डायमंड और प्लेटिनम ज्वेलरी की खूब खरीदारी की। सराफा मंडल के अध्यक्ष पंकज गोयल ने कहा कि सिर्फ सराफा का 250 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। इसमें चांदी के सिक्के और सोने के सिक्के खास तौर पर खरीदे गए। इसके अलावा चांदी के नोट भी इस बार प्रचलन में रहे।
पीसी ज्वेलर्स के संजय अग्रवाल ने कहा कि काफी संख्या में लोगों ने हैवी ज्वेलरी के लिए एडवांस बुकिंग कराई थी, जिसको धनतेरस के दिन लिया। वहीं धनतेरस के दिन चांदी के डिजाइन वाले आभूषण, सिक्के, पायल, गणेश लक्ष्मी जी की मूर्तियों की लोगों ने खरीदारी की। इसके अलावा मंगल सूत्र, सोने की चेन, डायमंड की अंगूठी, टॉप्स, बिछुआ, भी लोगों ने खूब खरीदा।
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी रही रौनक
धनतेरस में लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक बाजार के ऑफर का जमकर लाभ उठाया। टीवी, फ्रिज से लेकर एयर कंडीशनर तक में मिल रही छूट की वजह से खूब खरीदारी हुई। इनमें काफी संख्या में लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने एडवांस बुकिंग करा ली थी, लेकिन धनतेरस के शुभ मुहूर्त में सामान लेकर अपने घर पहुंचे। सबसे ज्यादा बिक्री स्मार्ट टीवी की रही। क्लाइमेट वर्ल्ड शो रूम के संचालक अतुल सिंह ने बताया कि धनतेरस के दिन सबसे ज्यादा बिक्री स्मार्ट टीवी की हुई है। खास कर 32 इंच वाली एलईडी की। गोरखपुर शहर में जिस ढंग से खरीदारी हुई उससे अनुमान है कि 15 से 20 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की खरीदारी हुई।
500 से ज्यादा चार पहिया तो 4000 से ज्यादा दुपहिया बिके
धनतेरस ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के विक्रेताओं के चेहरे पर रौनक आ गई। धनतेरस के दिन अधिकांश उन गाड़ियों की बुकिंग हुई, जिन्होंने इसकी एडवांस बुकिंग की थी। एक अनुमान के अनुसार करीब 400 फोर व्हीलर और 4000 टू-व्हीलर की बिक्री हुई। डीपी मोटर्स के सत्यम मातनहेलिया ने अनुमानत: शहर में 400 से 500 फोर व्हीलर की बिक्री हुई। महिंद्रा की गाड़ियों की भी मांग बहुत है। सिर्फ धनतेरस के दिन लगभग 50 गाड़ियों की डिलीवरी की गई। इनमें लगभग सभी बोलेरो और एक्सयूवी 300 की गाड़ियां थीं। महिंद्रा थार की लंबी वेटिंग है।
होम अप्लाइंसेज की भी हुई खरीदारी
होम अप्लाइंसेज एवं क्राकरी बर्तन के व्यापारी आनंद रूंगटा का कहना है कि बाजार में महंगाई के असर जैसी कोई बात नहीं है। बाजार कोरोना काल से पहले की तरह ही बेहतर है। अब लोग सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही नहीं बल्कि शौक से खरीदारी करते हैं। होम अप्लाइंसेज कंपनी साहू समूह के सनूप साहू ने बताया कि इस बार बाजार काफी बेहतर रहा है। सिलाई मशीन की बिकी पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रही है। मिक्सर ग्राइंडर, गीजर, प्रेस के साथ अन्य सामानों की खूब मांग रही।
बाजार में जाम से लोग हलकान
शहर के करीब करीब हर बाजार में सुबह से लेकर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही। भीड़ इतनी थी कि लोगों को पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया था। दुकानदारों की मनमानी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी। अतिक्रमण करते हुए दुकानदारों ने आधी सड़क को शो-केस में तब्दील कर दिया था। ऐसे में बाजार में जाम की स्थिति सी बनी रही। आजाद चौक, रुस्तमपुर, गोलघर, बैंक रोड, विजय चौराहा, साहबगंज, रेती रोड, बक्शीपुर समेत अन्य सभी बाजारों का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। आस्था के इस महापर्व में भी पुलिस भी सुस्त बनी रही।
बाजार में जाम से लोग हलकान
शहर के करीब करीब हर बाजार में सुबह से लेकर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही। भीड़ इतनी थी कि लोगों को पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया था। दुकानदारों की मनमानी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी। अतिक्रमण करते हुए दुकानदारों ने आधी सड़क को शो-केस में तब्दील कर दिया था। ऐसे में बाजार में जाम की स्थिति सी बनी रही। आजाद चौक, रुस्तमपुर, गोलघर, बैंक रोड, विजय चौराहा, साहबगंज, रेती रोड, बक्शीपुर समेत अन्य सभी बाजारों का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। आस्था के इस महापर्व में भी पुलिस भी सुस्त बनी रही।
बाजार में जाम से लोग हलकान
शहर के करीब करीब हर बाजार में सुबह से लेकर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही। भीड़ इतनी थी कि लोगों को पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया था। दुकानदारों की मनमानी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी। अतिक्रमण करते हुए दुकानदारों ने आधी सड़क को शो-केस में तब्दील कर दिया था। ऐसे में बाजार में जाम की स्थिति सी बनी रही। आजाद चौक, रुस्तमपुर, गोलघर, बैंक रोड, विजय चौराहा, साहबगंज, रेती रोड, बक्शीपुर समेत अन्य सभी बाजारों का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। आस्था के इस महापर्व में भी पुलिस भी सुस्त बनी रही।