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Gorakhpur News: सावन आज से, महादेव की आराधना में लीन होंगे भक्त

Tue, 04 Jul 2023 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Tue, 04 Jul 2023 01:01 AM IST
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Devotees will be engrossed in the worship of Mahadev from today
10 जुलाई को होगा सावन मास का पहला सोमवार
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31 अगस्त को होगा सावन मास का समापन

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भगवान शिव के प्रिय सावन मास की शुरुआत मंगलवार से हो रही है। सावन का पहला सोमवार 10 जुलाई को पड़ रहा है वहीं अंतिम सोमवार 28 अगस्त को होगा। आठ सोमवार के साथ सावन मास का समापन 31 अगस्त को होगा। 19 वर्ष बाद भक्त 59 दिनों तक महादेव की भक्ति में लीन रहेंगे।

ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सावन में शिवालयों में स्थापित, प्राण प्रतिष्ठित शिवलिंग या धातु से निर्मित शिवलिंग का गंगाजल व दुग्ध से रुद्राभिषेक करें। यह शिव को अत्यंत प्रिय है। वहीं उत्तरवाहिनी गंगाजल, पंचामृत का अभिषेक भी महाफलदायी है। कुशोदक (ऐसा जल, जिसमें कुश घास की पत्तियां डाली गई हों) से व्याधि शांति, जल से वर्षा, दही से पशुधन, गन्ने के रस से लक्ष्मी, मधु से धन, दूध से संतान की सुख समृद्धि और एक हजार मंत्रों सहित घी की धारा से भगवान शिव का अभिषेक करने से पुत्र व यश की वृद्धि होती है।
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सावन मास के दिनों का महत्व
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, सावन मास में सोमवार ‘सोमवारी व्रत रोटका’ भी कहलाता है। इसे सोम या चंद्रवार भी कहते हैं। यह दिन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मंगलवार को मंगलागौरी व्रत, बुधवार को बुध गणपति व्रत, बृहस्पतिवार को बृहस्पति व्रत, शुक्रवार को जीवंतिका देवी व्रत, शनिवार को बजरंग बली व नरसिंह व्रत और रविवार को सूर्य व्रत होता है।
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सावन मास के व्रत और त्योहार
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, प्रतिपदा को अशून्यन व्रत, द्वितीया को औदुंबर व्रत, तृतीया को गौरी व्रत, चतुर्थी को दूर्वा गणपति व्रत, पंचमी को उत्तम नाग पंचमी व्रत, षष्ठी को सूपोदन व्रत, सप्तमी को शीतला व्रत, अष्टमी और चतुर्दशी को शिव व्रत, नवमी को नक्त व्रत, दशमी को आशाव्रत, एकादशी को भगवान श्रीहरि व्रत, द्वादशी को श्रीधर व्रत, त्रयोदशी को प्रदोष व्रत, अमावस्या को पिठोरा व्रत, पूर्णिमा को उत्सर्जन, उपाकर्म, सभाद्वीप, रक्षाबंधन, श्रावणी पूर्णिमा सहित कई व्रत होते हैं।
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