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डीडीयू : स्नातक के साथ मिलेगी बीएड डिग्री, एनसीटीई से मिली मान्यता
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इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे
नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेगा यह पाठ्यक्रम
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को अब स्नातक के साथ ही बीएड की डिग्री भी मिल सकेगी। नए सत्र से एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम (आईटीईपी) का संचालन होगा। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने मान्यता दे दी है।
स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम में कक्षा 12 पास करने के बाद विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। चार वर्ष का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद स्नातक के साथ-साथ बीएड की डिग्री भी प्राप्त कर सकेंगे। एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले उन छात्रों का दो वर्ष का समय बचेगा, जो स्नातक के बाद बीएड करने की इच्छा रखते हैं।
स्नातक पाठ्यक्रम जबसे चार वर्ष का हो गया है, तबसे बीएड करने मेंं छात्रों को अपना छह वर्ष देना पड़ेगा। स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम के जरिये ये दोनों पाठ्यक्रम चार वर्ष में ही पूरा हो जाएगा। एनसीटीई से मान्यता मिलने के बाद विश्वविद्यालय नए सत्र से इस नए पाठ्यक्रम के संचालन में जुट गया है। अन्य पाठ्यक्रमों के साथ इस नए पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
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हर वर्ग के विद्यार्थी ले सकेंगे प्रवेश
स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम में हर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा। कला वर्ग के छात्रों को बीए-बीएड, विज्ञान वर्ग के छात्रों को बीएससी-बीएड और काॅमर्स वर्ग के छात्रों को बीकाम-बीएड की डिग्री प्राप्त होगी। इस पाठ्यक्रम के जरिये विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षण को एक सम्मानजनक एवं व्यावसायिक कॅरिअर के तौर पर अपनाने में मदद करना है।
विश्वविद्यालय ने एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया था। इसके संचालन के लिए एनसीटीई ने मान्यता प्रदान कर दी है। यह पाठ्यक्रम ऐसे विद्यार्थियों को सुनहरा अवसर देगा, जो शुरुआत से ही शिक्षण को अपने कॅरिअर के लिए चुनना चाहते हैं। यह पाठ्यक्रम न केवल शैक्षिक दृष्टि से बल्कि व्यावसायिक संभावनाओं के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेगा यह पाठ्यक्रम
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को अब स्नातक के साथ ही बीएड की डिग्री भी मिल सकेगी। नए सत्र से एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम (आईटीईपी) का संचालन होगा। इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने मान्यता दे दी है।
स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम में कक्षा 12 पास करने के बाद विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। चार वर्ष का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद स्नातक के साथ-साथ बीएड की डिग्री भी प्राप्त कर सकेंगे। एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले उन छात्रों का दो वर्ष का समय बचेगा, जो स्नातक के बाद बीएड करने की इच्छा रखते हैं।
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स्नातक पाठ्यक्रम जबसे चार वर्ष का हो गया है, तबसे बीएड करने मेंं छात्रों को अपना छह वर्ष देना पड़ेगा। स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम के जरिये ये दोनों पाठ्यक्रम चार वर्ष में ही पूरा हो जाएगा। एनसीटीई से मान्यता मिलने के बाद विश्वविद्यालय नए सत्र से इस नए पाठ्यक्रम के संचालन में जुट गया है। अन्य पाठ्यक्रमों के साथ इस नए पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
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हर वर्ग के विद्यार्थी ले सकेंगे प्रवेश
स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम में हर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश लेने का अवसर मिलेगा। कला वर्ग के छात्रों को बीए-बीएड, विज्ञान वर्ग के छात्रों को बीएससी-बीएड और काॅमर्स वर्ग के छात्रों को बीकाम-बीएड की डिग्री प्राप्त होगी। इस पाठ्यक्रम के जरिये विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षण को एक सम्मानजनक एवं व्यावसायिक कॅरिअर के तौर पर अपनाने में मदद करना है।
विश्वविद्यालय ने एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया था। इसके संचालन के लिए एनसीटीई ने मान्यता प्रदान कर दी है। यह पाठ्यक्रम ऐसे विद्यार्थियों को सुनहरा अवसर देगा, जो शुरुआत से ही शिक्षण को अपने कॅरिअर के लिए चुनना चाहते हैं। यह पाठ्यक्रम न केवल शैक्षिक दृष्टि से बल्कि व्यावसायिक संभावनाओं के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति