गोरखपुर: कुर्सी ना छोड़ने की खुन्नस में की थी व्यापारी की हत्या, ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा, हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, बाइक बरामद, शाहपुर इलाके में घर पर चढ़कर नौ अप्रैल की रात की गई थी व्यापारी वेद प्रकाश की हत्या।
विस्तार
गोरखपुर के शाहपुर इलाके के खरैया पोखरा मोहल्ले में नौ अप्रैल की रात हुई व्यापारी वेद प्रकाश की हत्या का पर्दाफाश करते हुए शनिवार को पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वेद प्रकाश की आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ दोस्ती थी। एक बार नशे में धुत परवेज एक भवन पर गया था जहां पर वेद प्रकाश ने उसे देखकर कुर्सी नहीं छोड़ी थी। इसी खुन्नस में परवेज ने हत्या की साजिश रची और मौका पाते ही दोस्त के साथ वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपितों के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और बाइक बरामद कर ली है।
आरोपियों की पहचान शाहपुर इलाके के धर्मपुर निवासी परवेज अंसारी और आवास विकास कॉलोनी धर्मपुर निवासी मनोज सोनकर उर्फ पट्टू के रूप में हुई है। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने शनिवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि नौ अप्रैल की रात बदमाशों ने वेद प्रकाश के घर जाकर आवाज दी थी। ऊपरी मंजिल से जैसे ही वेद प्रकाश ने बाहर देखा, परवेज ने पिस्टल से फायर कर दिया। गोली सिर के पास लगने की वजह से वेद प्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद अज्ञात पर केस दर्ज कर पुलिस ने रंजिश, पारिवारिक दुश्मनी, अनैतिक संबंध जैसे सभी बिंदु पर जांच की लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हो सका। पुलिस का मुखबिर होने की वजह से परवेज सर्विलांस और सभी जांच बिंदू से परिचित था। मगर पुलिस को एक अन्य मुखबिर की मदद से सटीक जानकारी मिली कि परवेज ने ही हत्या की है।
इसी दौरान एक सीसीटीवी कैमरा का फुटेज भी हासिल हो गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शाहपुर इलाके में एक अर्द्धनिर्मित भवन में परवेज और उसके साथी नशा करने के लिए रोजाना एकत्र होते थे। वेद प्रकाश का भी वहां पर आना-जाना था।
वहीं पर वेद प्रकाश का परवेज से विवाद हुआ था और फिर उसने हत्या कर दी। आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी थी। इसी बीच शनिवार को मुखबिर के जरिए पता चला कि दोनों आरोपित रेलवे यांत्रिक कारखाना के पास मौजूद हैं। पुलिस ने घेराबंदी की और मुठभेड़ के दौरान दोनों को दबोच लिया।
पुलिस का मुखबिर बनकर शातिर हो गया था परवेज
परवेज 2018 के बाद पुलिस के संपर्क में आया था। पुलिस का मुखबिर बताकर वह कई सिपाही, दरोगा के संपर्क में रहता था। जिस वजह से वह पुलिस की कार्यप्रणाली से पूरी तरह से परिचित था। इसी के चलते हत्या के बाद उसने ऐसी कोई गलती नहीं की जिससे पुलिस आसानी से उसे आरोपी मानती। दो बार थाने पर लाकर उससे पूछताछ की गई थी लेकिन सबूतों के अभाव में उसे छोड़ना पड़ा था।
शादी में मौजूदगी दर्शाने के लिए बनाया वीडियो
हत्या वाले दिन परवेज के चचेरी बहन की शादी घटनास्थल से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर थी। सर्विलांस से बचने के लिए उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। साथ ही पुलिस की जांच से बचने के लिए शादी में खुद की मौजूदगी दर्शाते हुए कई वीडियो बना लिया था। यही वजह है कि संदेह के आधार पर पुलिस जब उसे पकड़कर थाने लाई तो उसने वीडियो दिखा दिया। मोबाइल इस्तेमाल नहीं हुआ था, इस वजह से सर्विलांस से भी मदद नहीं मिल रही थी।
डेढ़ मिनट के अंदर कर दी थी हत्या
पूरे घटनाक्रम को परवेज ने महज डेढ़ मिनट के अंदर ही अंजाम दिया था। घटनास्थल से पहले वह एक पेट्रोल पंप पर रुका और साथी मनोज के साथ स्मैक का सेवन किया। फिर वेद के घर पहुंचकर उसकी हत्या की और फरार हो गया।
परवेज पर दर्ज है 16 मुकदमे, भाई भी हत्यारोपी
परवेज पर 16 मुकदमे दर्ज हैं। सभी शाहपुर थाने में ही है। इसमें हत्या की कोशिश, हत्या, आर्म्स एक्ट, मारपीट, बलवा, धमकी देने, गैंगेस्टर के मामले हैं। परवेज का छोटा भाई भी 2014 में हुई एक हत्या का आरोपित है और इस समय जेल में बंद है। परवेज के साथी मनोज सोनकर पर भी चार मुकदमे दर्ज हैं। हत्या, हत्या की कोशिश, बलवा, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट में जेल जा चुका है।
मेयर के मुनीम से वेद प्रकाश के दोस्तों ने की थी वारदात
मेयर सीताराम जायसवाल के मुनीम से कोतवाली इलाके में हुई लूट की वारदात को वेद प्रकाश के दोस्तों ने अंजाम दिया था। इसी घटना के बाद से वह आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के संपर्क में आया था।