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नादान मोहब्बत की बेड़ियां हैं ये धाराएं: गलती की है तो सजा के साथ जिंदगी भर नौकरी के हो जाएंगे मोहताज

Sat, 19 Jun 2021 01:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 19 Jun 2021 01:56 PM IST
सार

 नादान मोहब्बत की यह दो धाराएं धारा 363 और 366 के तहत पुलिस मुकदमा दर्ज करती है और फिर धारा 376 यानि दुष्कर्म की धारा बढ़ जाती है।

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serious crime act for teenage love by UP police
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नाबालिग उम्र में प्यार की गलती किए तो जेल जाना तय है। जान लीजिए नादान मोहब्बत की यह दो धाराएं धारा 363 और 366 के तहत पुलिस मुकदमा दर्ज करती है और फिर धारा 376 यानि दुष्कर्म की धारा बढ़ जाती है। अगर आप बालिग हैं और लड़की नाबालिक है तो फिर पास्को एक्ट की धारा भी लगती है।

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इन सभी धाराओं में आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इस मामले में जेल जाने के साथ ही आपके सरकारी नौकरी का रास्ता भी बंद हो जाता है इसीलिए विशेषज्ञ हमेशा कहते हैं कि सही उम्र से किसी काम को करना चाहिए, चाहे वह प्यार ही क्यों ना हो।
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जानकारी के मुताबिक, महज एक महीने की बात की जाए तो गोरखपुर जिले में 19 मामले इस तरह के सामने आ चुके हैं, जिसमें पुलिस ने धारा 363 और 366 के तहत कार्रवाई की है। वहीं 13 मामले ऐसे हैं जिसमें दुष्कर्म का भी केस दर्ज किया गया है।
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इन मामलों में पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजती है। बरामद की गई लड़की का मेडिकल कराया जाता है और फिर दुष्कर्म की पुष्टि होने पर यह धारा बढ़ा दी जाती है। कई बार ऐसा होता है जब लड़की यह कहती है कि वह अपनी मर्जी से गई थी लेकिन कानूनन अपराध होने की वजह से लड़की का यह बयान मायने नहीं रखता है।


 

यह होती है शादी की उम्र

नियमानुसार, लड़कियां 18 और लड़के 21 की उम्र में अगर शादी करते हैं तो फिर इसको कानूनी आधार मिलता है, नहीं तो कानूनी कार्रवाई होती है। यानी कि मोहब्बत भी करनी है तो उम्र का ख्याल जरूर रखें, नादानी में मोहब्बत नहीं सजा मिलती है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
कानून के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता जनार्दन सिंह बताते हैं कि मोबाइल के चलन के साथ ही टीवी सीरियल और फिल्मी परदे की वजह से बहुत तेजी से कम उम्र में ही बच्चे प्रेम प्रसंग में पड़ जाते हैं जिस वजह से उनका पूरा करियर चौपट हो जाता है। मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें कोई सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती है इसलिए पहले करियर पर ध्यान देना चाहिए।
 

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