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गोरखपुर में दरोगा ने भाजपा विधायक के भाई और दोस्त को पीटा, एसएसपी ने किया निलंबित
Tue, 08 Dec 2020 11:10 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 08 Dec 2020 11:10 AM IST
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एसएसपी कार्यालय पहुंचे भाजपा समर्थक।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में वाहनों की टक्कर के बाद हुए विवाद में सोमवार को एक महिला के बुलावे पर मौके पर पहुंचे शाहपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के भाई रमाशंकर सिंह और उनके दोस्त को थाने ले जाकर जमकर पीटा। यह आरोप लगाते हुए रमाशंकर सिंह ने थाने में तहरीर दी और विधायक महेंद्र पाल सिंह ने एसएसपी जोगेंद्र कुमार से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने शाहपुर थाने में तैनात आरोपी दरोगा रवि प्रकाश को निलंबित और दरोगा छोटेलाल व कांस्टेबल अनिल यादव को लाइन हाजिर कर दिया है।
इस मामले में शाहपुर थानेदार इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह पर आरोप है कि यह सब उनके इशारे पर हुआ। मामले की जांच एसपी सिटी को दी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विधायक के भाई रमाशंकर सिंह की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, सोमवार को दोपहर में करीब दो बजे वह अपने परिचित राहुल गुप्ता के साथ गाड़ी से कहीं जा रहे थे। एचएन सिंह चौराहे के पास उनकी गाड़ी में एक स्कूटी सवार ने पीछे से ठोकर मार दी। इससे गाड़ी का बंपर टूट गया।
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विधायक के भाई गाड़ी से उतरे और स्कूटी सवार से बातचीत करने लगे। इतने में स्कूटी सवार ने एक युवती को फोन कर दिया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंची युवती ने शाहपुर थाने के किसी पुलिसकर्मी को फोन किया। थोड़ी देर में शाहपुर थाने में तैनात दरोगा रवि प्रकाश अपने हमराही पुलिस वालों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामला समझे बिना राहुल गुप्ता को अपशब्द कहने शुरू कर दिए। विरोध किया गया तो उन्होंने राहुल की पिटाई कर दी और दोनों को थाने ले गए। वहां भी दोनों की जमकर पिटाई की गई।
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इस मामले में शाहपुर थानेदार इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह पर आरोप है कि यह सब उनके इशारे पर हुआ। मामले की जांच एसपी सिटी को दी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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विधायक के भाई रमाशंकर सिंह की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, सोमवार को दोपहर में करीब दो बजे वह अपने परिचित राहुल गुप्ता के साथ गाड़ी से कहीं जा रहे थे। एचएन सिंह चौराहे के पास उनकी गाड़ी में एक स्कूटी सवार ने पीछे से ठोकर मार दी। इससे गाड़ी का बंपर टूट गया।
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विधायक के भाई गाड़ी से उतरे और स्कूटी सवार से बातचीत करने लगे। इतने में स्कूटी सवार ने एक युवती को फोन कर दिया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंची युवती ने शाहपुर थाने के किसी पुलिसकर्मी को फोन किया। थोड़ी देर में शाहपुर थाने में तैनात दरोगा रवि प्रकाश अपने हमराही पुलिस वालों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामला समझे बिना राहुल गुप्ता को अपशब्द कहने शुरू कर दिए। विरोध किया गया तो उन्होंने राहुल की पिटाई कर दी और दोनों को थाने ले गए। वहां भी दोनों की जमकर पिटाई की गई।
थाने पर पहुंचते ही पुलिसकर्मी देने लगे थे गाली
थाने में भाजपा के भाई और उनके दोस्त की पिटाई का मामला गंभीर हो गया है। इस मामले में आरोपित पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई लेकिन विधायक के भाई केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
आरोप है कि विधायक के भाई रमाशंकर सिंह और उनके दोस्त राहुल गुप्ता को लेकर थाने पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने गालीगलौज शुरू कर दी। जब विरोध किया गया तो दरोगा रवि प्रकाश यादव, दरोगा छोटेलाल, सिपाही अनिल यादव व दो अन्य सिपाहियों ने इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह से बात की।
इंस्पेक्टर ने अपशब्द कहते हुए उनकी पिटाई करने के लिए कहा। इसके बाद दरोगा व सिपाही टूट पड़े। कान पकड़कर खींचा और जमकर पीटा। विधायक के भाई लगातार अपना परिचय बताते रहे और कहते रहे कि उन्होंने किसी तरह की गलती नहीं की है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक नहीं सुनी। घटना से आहत रमाशंकर सिंह ने विधायक भाई महेंद्र पाल सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी।
विधायक ने थानेदार को फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद विधायक ने घटना की जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी। फिर क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह के साथ एसएसपी से मिलने कैंप कार्यालय गए। इस सिलसिले में आरोपित इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मियों से संपर्क नहीं हो सका। जैसे ही पक्ष प्राप्त होगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
आरोप है कि विधायक के भाई रमाशंकर सिंह और उनके दोस्त राहुल गुप्ता को लेकर थाने पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने गालीगलौज शुरू कर दी। जब विरोध किया गया तो दरोगा रवि प्रकाश यादव, दरोगा छोटेलाल, सिपाही अनिल यादव व दो अन्य सिपाहियों ने इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह से बात की।
इंस्पेक्टर ने अपशब्द कहते हुए उनकी पिटाई करने के लिए कहा। इसके बाद दरोगा व सिपाही टूट पड़े। कान पकड़कर खींचा और जमकर पीटा। विधायक के भाई लगातार अपना परिचय बताते रहे और कहते रहे कि उन्होंने किसी तरह की गलती नहीं की है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक नहीं सुनी। घटना से आहत रमाशंकर सिंह ने विधायक भाई महेंद्र पाल सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी।
विधायक ने थानेदार को फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद विधायक ने घटना की जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी। फिर क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह के साथ एसएसपी से मिलने कैंप कार्यालय गए। इस सिलसिले में आरोपित इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मियों से संपर्क नहीं हो सका। जैसे ही पक्ष प्राप्त होगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
भाजपा नेताओं ने मीडियाकर्मियों से बनाई दूरी
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि थाना शाहपुर में हुई घटना की जांच तत्काल पुलिस क्षेत्राधिकारी से कराई गई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए उपनिरीक्षक रवि प्रकाश को निलंबित कर दिया गया है। उपनिरीक्षक छोटेलाल व कांस्टेबल अनिल यादव को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की विस्तृत जांच एसपी सिटी करेंगे। मामले में थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह की भूमिका की जांच होगी। पुलिसकर्मियों का व्यवहार हमेशा सौम्य होना चाहिए। दुर्व्यवहार का दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी से मिलकर निकले भाजपा विधायक ने मीडियाकर्मियों से दूरी बना ली। पुलिस की सुरक्षा में आए और गाड़ी पर बैठकर निकल गए। विधायक से फोन पर भी संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। विधायक इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। भाजपा नेताओं ने भी मामले में कुछ बोलने से इनकार किया है।
एसएसपी से मिलकर निकले भाजपा विधायक ने मीडियाकर्मियों से दूरी बना ली। पुलिस की सुरक्षा में आए और गाड़ी पर बैठकर निकल गए। विधायक से फोन पर भी संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। विधायक इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। भाजपा नेताओं ने भी मामले में कुछ बोलने से इनकार किया है।