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जालसाजी: रेलवे में लिपिक की नौकरी की लालच में युवक ने गवाएं सात लाख, पुलिस ने शुरू की जांच

Fri, 29 Oct 2021 12:53 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Oct 2021 12:53 PM IST
सार

जालसाजी के शिकार हुए युवक ने तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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Fraud of seven lakhs from youth by luring him to job of clerk in railway
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलवे में नौकरी पाने की लालच में एक युवक ने सात लाख रुपये गवां दिए। सोनभद्र के युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर चार माह तक उसकी फर्जी हाजिरी लगाते रहे। बाद में तबादला होने की जानकारी देते हुए गोरखपुर से लखनऊ भेज दिया। जहां पहुंचने पर पता चला कि उसके साथ जालसाजी हुई है। जालसाजी के शिकार हुए युवक ने तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस ने आकाश शर्मा, जितेंद्र मिश्रा, प्रवीण दूबे के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करके जालसाजी करने का केस दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, सोनभद्र के रेणुकूट का रहने वाला आदित्य विश्वकर्मा ने दिए तहरीर में लिखा है कि वह नौकरी की तलाश कर रहा था। दिल्ली, रघुवीर नगर के जेजे कॉलोनी निवासी आकाश शर्मा से फोन पर बात हुई। उसने पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में लिपिक की नौकरी दिलाने का झांसा देते हुए बताया कि जितेंद्र मिश्रा उर्फ भगत जी से मिल लीजिए।
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गोरखपुर में आकाश ने उनकी मुलाकात जितेंद्र से कराई। नौकरी दिलाने का भरोसा देते हुए जितेंद्र व आकाश ने चार बार में उससे सात लाख रुपये ले लिए। नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान उसका मेडिकल रेलवे अस्पताल में कराया गया। एक सप्ताह बाद उसे डाक से नियुक्ति पत्र मिला। जिसे लेकर रेलवे कार्यालय पहुंचा। जहां प्रवीण दूबे नाम का व्यक्ति रोजाना उसकी हाजिरी लेता था। चार माह बाद उसे बताया गया कि डीआरएम ऑफिस लखनऊ में तबादला हो गया है। मार्च 2021 में वहां पहुंचा तो पता चला कि जालसाजी हुई है।
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