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गोरखपुर एम्स में मेडिकल स्टोर व कैंटीन आवंटन के नाम पर ठगी, जांच में जुटी पुलिस

Tue, 16 Feb 2021 10:47 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 16 Feb 2021 10:47 AM IST
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Cheating of allocation of medical stores and canteen in Gorakhpur AIIMS
AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

गोरखपुर एम्स परिसर में मेडिकल स्टोर और कैंटीन आवंटन के नाम पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि छह लोग ठगी के शिकार हुए हैं। सभी से लाखों की रकम वसूली गई है। पता चला है कि फर्जीवाड़ा करने वालों ने सादे कागज पर आवंटन पत्र बना दिया था।

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आवंटन पत्र लेकर लोग एम्स पहुंचे तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। हालांकि पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। एम्स प्रशासन के सामने ऐसे दो मामले आए हैं। एम्स प्रशासन की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल, पुलिस मामले में कुछ बोलने से बच रही है।  
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जानकारी के मुताबिक, 10 दिन पहले कुशीनगर से आए दो लोगों ने एम्स प्रशासन से संपर्क किया। इन सबके पास परिसर में मेडिकल स्टोर और कैंटीन संचालन से संबंधित आवंटन पत्र था। यह पत्र सादे कागज पर लिखा गया था। पत्र में तीन लाख रुपये जमा कराकर मेडिकल स्टोर और कैंटीन के आवंटन की बात लिखी थी। कथित तौर पर जारी इस पत्र में रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर भी थे।
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रजिस्ट्रार ने पत्र देखा और दोनों को बता दिया कि यह पत्र व हस्ताक्षर फर्जी हैं। एम्स में ऐसे कोई दुकान या स्थान किसी को आवंटित नहीं होता है। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। इसके बाद एम्स प्रशासन की ओर से जांच के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है।
 

एक हफ्ते से जांच कर रही है पुलिस

एम्स प्रशासन ने इस मामले में आठ फरवरी को पुलिस से शिकायत की थी। तभी से छानबीन चल रही है, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।

एम्स की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि फर्जीवाड़े की कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। एहतियात के तौर पर अपील की जा रही है। अगर एम्स में कैंटीन, मेडिकल स्टोर आवंटन या फिर नियुक्ति कराने के नाम पर कोई रुपये की मांग करता है तो कत्तई न दें। तथ्यों की पहले ठीक से छानबीन कर ही कोई कदम उठाएं। एम्स की वेबसाइट भी देख सकते हैं। सारी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड है। जालसाजों से सावधान रहने की जरूरत है।
 
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