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कैसे होगा कोरोना पर वार: गोरखपुर में कोवाक्सिन का संकट, विभाग के सामने बढ़ी दिक्कतें
Wed, 02 Feb 2022 11:06 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 02 Feb 2022 11:06 AM IST
सार
एक सप्ताह में केवल 20,500 डोज ही मिल सकी। गोरखपुर जिले में कोरोना का टीका 58.17 प्रतिशत किशोरों को ही लगा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में कोवाक्सिन का संकट होने से स्वास्थ्य विभाग के सामने दिक्कतें बढ़ गईं हैं। एक सप्ताह में केवल कोवैक्सीन की 20,500 डोज ही मिल सकी है। इसकी वजह से स्कूलों और कॉलेजों में किशोरों के लिए बूथ नहीं बन पा रहे हैं। जबकि, कोविशील्ड वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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जानकरी के मुताबिक, 26 जनवरी को कोवाक्सिन ढाई हजार और कोविशील्ड 1.80 लाख तथा 29 जनवरी को कोवैक्सीन 18 हजार डोज मिली थी। इसके बाद वैक्सीन नहीं आई है। वैक्सीन कम होने की वजह से महज 58.17 प्रतिशत किशोरों को ही टीका लग सका है।
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31 जनवरी तक शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था। शासन ने जिले के 3,11,465 किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था। इनमें अब तक 1,81,152 किशोरों को पहली और 547 किशोरों को दूसरी डोज लगाई गई है।
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सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि इस बीच कोवाक्सिन कुछ कम मात्रा में मिल रही है। लेकिन, इसकी वजह से टीकाकरण प्रभावित नहीं हो रहा है। जरूरत के मुताबिक एडी हेल्थ कार्यालय से कोवाक्सिन मंगाई जा रही है। कोविशील्ड के पर्याप्त डोज उपलब्ध हैं।