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कोरोना के सामने दीवार बनकर खड़े हैं 'धरती के भगवान', ऐसे कर रहे देखभाल
Mon, 23 Mar 2020 12:00 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 23 Mar 2020 12:00 PM IST
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मरीजों की देखभाल करते डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह मुस्तैद है। लोगों को कहते सुना जा रहा है ये ‘धरती के भगवान’ हैं जो कोरोना के सामने दीवार बनकर खड़े हैं। देश-विदेश से आने वाले संदिग्धों की जांच और इलाज में बगैर कोई देर किए पूरी मुस्तैदी बरतकर ये समाज और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। रविवार को जनता कर्फ्यू के बीच जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड और कोरोना मरीजों के अलग वार्ड में डॉक्टरों के साथ स्टॉफ नर्स और वार्ड ब्वाय की टीम हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आई।
जनमानस की सेवा करने का सुनहरा मौका
डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि महामारी को रोकने के लिए हर संभव जतन करने के लिए संकल्पित हूं। सुनहरा मौका मिला है जनमानस की सेवा करने का। ऐसे मौके जिदंगी में बार-बार नहीं आते हैं। चिकित्सक की डिग्री लेते समय जो संकल्प लिया था उसे पूरा कर रहा हूं।
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जनमानस की सेवा करने का सुनहरा मौका
डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि महामारी को रोकने के लिए हर संभव जतन करने के लिए संकल्पित हूं। सुनहरा मौका मिला है जनमानस की सेवा करने का। ऐसे मौके जिदंगी में बार-बार नहीं आते हैं। चिकित्सक की डिग्री लेते समय जो संकल्प लिया था उसे पूरा कर रहा हूं।
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जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करतीं डॉ. पूनम गुप्ता व अमृता सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
परिवार को रहती है चिंता, पर ड्यूटी महत्वपूर्ण
कोरोना वार्ड में तैनात डॉक्टर बीके सुमन ने बताया कि वायरस को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। इन सबके बीच परिवार भी हमारी चिंता करता हैं। परिवार के लोग सलाह देते है कि दूरी बनाएं रखें। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। खुशी इस बात की है कि अब तक कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी हमारी टीम मुस्तैद है।
किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद
फार्मासिस्ट अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। परिजन चिंतिंत हैं लेकिन कर्तव्य मार्ग से पीछे नहीं हट सकते हैं। वार्ड में जाने पर नर्सिंग के स्टॉफ सुरक्षा किट का प्रयोग कर रहे हैं। ड्यूूटी पर आते के साथ ही लगातार हाथ भी धुल रहे हैं।
कोरोना वार्ड में तैनात डॉक्टर बीके सुमन ने बताया कि वायरस को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। इन सबके बीच परिवार भी हमारी चिंता करता हैं। परिवार के लोग सलाह देते है कि दूरी बनाएं रखें। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता। खुशी इस बात की है कि अब तक कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी हमारी टीम मुस्तैद है।
किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद
फार्मासिस्ट अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। परिजन चिंतिंत हैं लेकिन कर्तव्य मार्ग से पीछे नहीं हट सकते हैं। वार्ड में जाने पर नर्सिंग के स्टॉफ सुरक्षा किट का प्रयोग कर रहे हैं। ड्यूूटी पर आते के साथ ही लगातार हाथ भी धुल रहे हैं।
कोरोना वार्ड के लिए 20 से अधिक लोगों की टीम
कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए विशेष वार्ड में 20 से अधिक लोगों की टीम मुस्तैद है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि डॉ. बीके सुमन, डॉ. राजेश कुमार, फार्मासिस्ट अरविंद कुमार सिंह के साथ ही 20 से अधिक लोगों की टीम कोरोना वार्ड में तैनात है। अलग-अलग शिफ्ट में सबकी ड्यूटी लगाई गई है।
इमरजेंसी में मुस्तैद रहे डॉक्टर
गोरखपुरर। जनता कर्फ्यू के बीच जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर और नर्सिंग टीम मुस्तैद रही। हालांकि मरीजों क संख्या बेहद कम थी। तीन बजे तक 47 मरीजों का इलाज हुआ। इस दौरान सात लोगों को भर्ती कराया गया था। महिला जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 21 मरीज पहुंचीं। इनमें 17 को भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. शहनवाज खान, चीफ फार्मासिस्ट एसआर त्रिपाठी और फार्मासिस्ट संतोष कुमार यादव तैनात रहे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच स्टॉफ नर्स संजू कुशवाहा, पूनम गुप्ता और अमृता सिंह ने की। डॉ. शहनवाज खान ने बताया कि ज्यादातर मरीजों को सांस फूलने और चेस्ट पेन की समस्या थी।
इमरजेंसी में मुस्तैद रहे डॉक्टर
गोरखपुरर। जनता कर्फ्यू के बीच जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर और नर्सिंग टीम मुस्तैद रही। हालांकि मरीजों क संख्या बेहद कम थी। तीन बजे तक 47 मरीजों का इलाज हुआ। इस दौरान सात लोगों को भर्ती कराया गया था। महिला जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 21 मरीज पहुंचीं। इनमें 17 को भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. शहनवाज खान, चीफ फार्मासिस्ट एसआर त्रिपाठी और फार्मासिस्ट संतोष कुमार यादव तैनात रहे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों की जांच स्टॉफ नर्स संजू कुशवाहा, पूनम गुप्ता और अमृता सिंह ने की। डॉ. शहनवाज खान ने बताया कि ज्यादातर मरीजों को सांस फूलने और चेस्ट पेन की समस्या थी।