कोरोना का असर: शादी का निमंत्रण मिलते ही हाथ जोड़ ले रहे हैं लोग, बोल रहे 'क्षमा करिएगा, कैसे आऊं- कोरोना है न'
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'बेटी को ढेर सारा आशीर्वाद है। शादी समारोह में शामिल होने की बड़ी इच्छा थी, पर क्या करें, माहौल तो आप देख ही रहे हैं। हर तरफ कोरोना ही कोरोना। घर वाले भी मना कर रहे हैं। ऐसे में क्षमा।' शादी-विवाह में निमंत्रण पत्र पर कुछ इसी तरह की प्रतिक्रियाएं अब मिलने लगी हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कोई कितना भी खास क्यों न हो, लोग हाथ जोड़कर क्षमा मांग ले रहे हैं।
माल्हनपार के सुरेश तिवारी के घर भतीजी की शादी है। शहर के कुछ मित्रों और जानने वालों को उन्होंने जब शादी का कार्ड थमाया तो कई लोगों ने टका सा जवाब दिया। भैया, बड़ी मुश्किल है। महामारी देख ही रहे हैं न। आप ही बताइए आना उचित रहेगा? वैसे दोपहर में ही आ जाएं तो चलेगा।
इसी तरह का कुछ अनुभव ब्रह्मपुर ब्लॉक के जयप्रकाश का भी है। उनके बेटे की तिलक 23 अप्रैल को है। निमंत्रण पाने वाले कई लोगों ने हाथ जोड़ लिए। कुछ ने कोरोना का लक्षण होना बता दिया तो कुछ ने आने में असहमति जताई। खैर, जयप्रकाश ने हालात को समझते हुए बुरा नहीं माना है।
आने की जरूरत नहीं, व्हाट्सएप कर दें
शादी का निमंत्रण भी लोग अब व्हाट्सएप पर ही भेज दे रहे हैं। अगर कोई आने के लिए फोन भी कर रहा था तो जवाब मिल रहा है कि क्यों परेशान होंगे, व्हाट्सएप पर ही कार्ड की फोटो खींचकर भेज दें।
अंतिम दिन करेंगे तेल, मसाले की खरीदारी
जिनके घर शादी-विवाह है, वे भी असमंजस की स्थिति में हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख तय नहीं कर पा रहे हैं कि नाश्ता-भोजन का इंतजाम कितने लोगों का करें। कैटर्स अमरजीत कहते हैं कि कोरोना का बहुत असर है। 28 अप्रैल को तीन शादियों की बुकिंग है। आयोजक को हमने मीनू पहले ही दे दिया था। बुधवार को जब सामान की खरीदारी के बारे में पूछा तो दो जगहों से जवाब मिला है कि भोजन की संख्या में अब कटौती होगी। इसलिए अभी तेल और मसाले की खरीदारी नहीं हुई है। बाकी सब आ गया है, जबकि एक जगह से कहा गया कि बाद में बताएंगे।