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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Condition of Gorakhpur Electricity Corporation Complaints not resolved even on instructions of CM and Energy Minister

गोरखपुर बिजली निगम का हाल: मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर भी शिकायतों का समाधान नहीं

Sat, 09 Apr 2022 12:26 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 09 Apr 2022 12:26 PM IST
सार

निगम के अधिकारी ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पर भी जनता की समस्याओं के निस्तारण को तैयार नहीं है। एक बार फिर इन मामलों को लेकर पूर्वांचल के प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर संबंधित शिकायतों के निस्तारण की याद दिलाई।

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Condition of Gorakhpur Electricity Corporation Complaints not resolved even on instructions of CM and Energy Minister
बिजली विभाग। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री ने जिन मामलों में जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए थे, वे शिकायतें भी साल दर साल धूल फांकती गईं। समस्याएं जस की तस बनी रहीं। ऐसी कुल 209 शिकायतों को लेकर एक बार फिर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने सख्ती की है।

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एमडी पूर्वांचल ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि इन सभी पुरानी शिकायतों का समाधान 12 अप्रैल तक करवा कर उनकी प्रगति रिपोर्ट एमडी ऑफिस भेजी जाए। पत्र में सख्त लहजे में कहा है कि तय समय तक अगर समस्याएं निस्तारित नहीं हुईं तो अप्रिय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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बिजली निगम के उपकेंद्र से लेकर अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता तक महीनों दौड़ लगाने के बाद भी जब समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो दो सौ से अधिक फरियादियों ने शासन से लेकर ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री तक तक गुहार लगा दी। लेकिन, समस्या हल नहीं हो सकी और मामला फिर लौटकर गोरखपुर बिजली निगम के पास पहुंच गई।
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तीन साल से अधिक गुजर गए और फिर भी समस्याएं जस की तस बनी रहीं। साफ है कि निगम के अधिकारी ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पर भी जनता की समस्याओं के निस्तारण को तैयार नहीं है। एक बार फिर इन मामलों को लेकर पूर्वांचल के प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर संबंधित शिकायतों के निस्तारण की याद दिलाई। अब देखना है कि 200 से अधिक से फरियादियों की समस्याओं का इस बार भी निस्तारण होता है या वे अभी भी दौड़ ही लगाते रहेंगे।

 

 

मुख्यमंत्री के जनता दरबार से भी नहीं लेते सीख

मुख्यमंत्री जब भी गोरखपुर दौरे पर आते हैं, अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से जनता के लिए समय जरूर निकालते हैं। गोरखनाथ मंदिर पर ही जनता दरबार लगाकर समस्याएं सुनते हैं और निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हैं। बिजली निगम के अधिकारी, मुख्यमंत्री को देखकर भी सीख नहीं लेते। तभी तो इन मामलों के निस्तारण में निगम की भद्द पिटा रहे हैं।

शिकायतों का ब्योरा
ऊर्जा मंत्री के प्रकरण-23
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त प्रकरण-132
उप्र शासन से प्राप्त- 46      
कुल शिकायतें वीआईपी-8   
सामान्य-209

केस 1
महाराजगंज के सिसवां बाजार निवासी प्रमोद कुमार जायसवाल ने 12 अक्तूबर 2022 को मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य अभियंता, अवर अभियंता, संविदा लाइनमैन द्वारा लाखों रुपये के अवैध वसूली की शिकायत की थी। एमडी ऑफिस से 23 अक्तूबर को ही मुख्य अभियंता के पास जांच करवाने के लिए पत्र भेजा गया। आज तक जांच लंबित है।

केस 2
इस्लामिया कॉलेज क्षेत्र के रहने वाले राधेश्याम वर्मा ने 14 जनवरी 2021 को ऊर्जा मंत्री के नाम से शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया था कि बिजली निगम के अधिकारियों की तरफ से गलत बिल व फर्जी बिल देकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रबंध निदेशक को इस शिकायत की जांच करवाने के लिए 27 जनवरी को ऊर्जा मंत्रालय से पत्र भेजा गया था।

 
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