आज से पूर्वांचल के विकास का खाका तैयार करेंगे देश-विदेश के विद्वान, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग की ओर से 10-12 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी का शुभारंभ बृहस्पतिवार शाम चार बजे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार में देश-विदेश के 300 से ज्यादा विद्वान पूर्वांचल के 28 जिलों के समक्ष चुनौतियों पर मंथन करेंगे। पूर्वांचल की तरक्की का खाका भी तैयार करेंगे।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दीप प्रज्ज्वलन कर मुख्यमंत्री कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद सोविनियर एवं सार सारंशिका का विमोचन करेंगे। फिर कुलपति प्रो. राजेश सिंह का स्वागत भाषण होगा। पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र दयालु एवं नरेंद्र सिंह अपने विचार रखेंगे। अंत में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अतिथियों को संबोधित करेंगे।
मेगा सेमिनार में प्राथमिक क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र, सामाजिक और जल क्षेत्र समेत पांच अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र से कुल मिलाकर 45 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह, कमिश्नर जयंत नार्लिकर और सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने कार्यक्रम स्थल दीक्षा भवन एवं संवाद भवन जाकर निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पूर्वांचल विकास बोर्ड के कार्यालय को भी देखा और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
शाम को शुरू होगा पहला तकनीकी सत्र
गुरुवार शाम 5:30 बजे से पहला तकनीकी सत्र शुरू होगा। इसकी अध्यक्षता गन्ना विकास चीनी मिल एवं औद्योगिकी विभाग के मंत्री सुरेश राणा करेंगे, जबकि सह अध्यक्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. दिनेश यादव व सार संकलक के तौर पर प्रो. बीना बी कुशवाहा एवं डॉ. तुलिका मिश्र मौजूद रहेंगी।
छह विशेष सत्रों का होगा आयोजन
संगोष्ठी में पांच प्रमुख क्षेत्रों के साथ ही छह विशेष सत्रों का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न विभागों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश के विभिन्न विश्विद्यालयों के 10-15 कुलपति, सीएसआईआर और आईसीएआर के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
औद्योगिक विकास की नींव होगी सुदृढ़
पांच तकनीकी सत्रों के साथ संगोष्ठी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। साथ ही विशेष समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ खादी, टेराकोटा शिल्प, आर्गेनिक खाद, ओडीओपी, सेरेमेटिक पोटरी को बढ़ावा देने की रूपरेखा तैयार होगी, ताकि उद्यमियों को व्यापार शुरू करने के लिए वित्तीय समस्याओं का सामना न करना पड़े। संगोष्ठी में बैंकर्स मीट का आयोजन भी होगा, जिसमें पूर्वांचल के उद्योगों, खास कर एमएसएमई सेक्टर को, कैसे सस्ते ऋण उपलब्ध कराया जाए, इस पर विशेष चर्चा होगी।
स्पेशल पैकेज पर एक होगा विशेष सत्र
पूर्वांचल के लिए स्पेशल पैकेज पर एक विशेष सत्र होने के साथ-साथ स्टार्ट-अप एंड इंटरप्रेन्योरशिप के लिए भी एक सत्र का आयोजन किया गया है। आखिरी सत्र में 40 विशेषज्ञ पूर्वांचल के समुचित विकास में रिसर्च और डेवलपमेंट का खाका तैयार करेंगे।
अमेरिका, लंदन सहित अन्य देशों से भी जुड़ेंगे विशेषज्ञ और उद्यमी
सेमिनार स्थलों का हुआ कायाकल्प
सेमिनार के पांचों आयोजन स्थल दीक्षा भवन, संवाद भवन, रसायन विभाग, बॉयोटेक्नोलॉजी और प्राणी विज्ञान के साथ-साथ संवाद भवन से जुड़े कान्फ्रेंस हाल और प्रशासनिक भवन के कमेटी हाल के कायाकल्प का काम पूरा हो चुका है। सभी भवनों को इंटरनेट के माध्यम से एलईडी स्क्रीन और आधुनिक प्रोजेक्टर से जोड़ा गया है। इसका ट्रायल बुधवार को किया गया। इस व्यवस्था से अब सभी वक्ता और प्रतिभागी ऑफलाइन और ऑनलाइन एक साथ जुड़ कर चर्चा कर सकते हैं।
काली रंग की सीट पर बैठेंगे अतिथि, संतरी रंग वाली खाली रहेगी
संगोष्ठी में केंद्र सरकार की कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। दीक्षा भवन और संवाद भवन में संतरी और काले रंग की सीट लगाई गई है। काली रंग की सीट पर अतिथियों को बैठना होगा। वहीं, संतरी रंग की सीट खाली रहेगी। जलपान और खानपान की व्यवस्था भी कोविड गाइड लाइन को ध्यान में रखकर किया गया है।