गोरखपुर शहर विधानसभा सीट: कुछ तो पक रहा है, इंतजार करो और देखो की मुद्रा में नगर विधायक राधामोहन अग्रवाल
20 वर्षों से शहर विधानसभा से विधायक डॉ आरएमडी, इस बार के चुनाव की तैयारी में भी जुटे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार कर रहे थे। जिस दिन (15 जनवरी) मुख्यमंत्री योगी को शहर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया, उस रात आठ बजे नगर विधायक को जनता से लाइव संवाद करना था।
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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के न्योते पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बेहद मुखर गोरखपुर नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल ने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। माना जा रहा है कि वह अभी इंतजार करो और देखो की मुद्रा में हैं। अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों को बताया कि उन्होंने डॉ आरएमडी अग्रवाल को सपा की सदस्यता ग्रहण करने और शहर विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने का न्योता दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शहर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया है, उसे लेकर नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल कत्तई सहज नहीं नजर आ रहे है। जब सीएम योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर शहर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया गया, उस वक्त भी उनकी बेहद यांत्रिक प्रतिक्रिया सामने आई थी। नपा-तुला लिखित बयान जारी करके, उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हम भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इस निर्णय का स्वागत करते हैं।
उनको जानने वालों का कयास है कि आरएमडी को अपना टिकट कटने की जानकारी नहीं थी। इसके पीछे उनका तर्क भी है कि 20 वर्षों से शहर विधानसभा से विधायक डॉ आरएमडी, इस बार के चुनाव की तैयारी में भी जुटे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार कर रहे थे। जिस दिन (15 जनवरी) मुख्यमंत्री योगी को शहर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया, उस रात आठ बजे नगर विधायक को जनता से लाइव संवाद करना था। जैसे ही मुख्यमंत्री को प्रत्याशी घोषित गया, वैसे ही विधायक ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर लाइव संवाद स्थगित कर दिया।
जाहिर है कि उनको टिकट कटने की भनक नहीं थी, वरना वह चुनाव प्रचार में क्यों जुटते ? मुख्यमंत्री को शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाने की घोषणा के एक दिन बाद (16 जनवरी को) सोशल मीडिया पर डॉ अग्रवाल ने लिखा कि विधायक रहने या न रहने से सेवा प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने मानबेला खास में सड़क का निर्माण अपनी उपस्थिति में करवाया है।
सोमवार को सपा में आमंत्रण के अखिलेश के बयान पर सवाल करने पर वे कुछ नहीं बोले। राजनीति के जानकार कहते हैं कि नगर विधायक राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं। वे नफा-नुकसान का आकलन कर रहे हैं। किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सब कुछ तौल लेना चाहते हैं, फिर पत्ते खोलेंगे। वैसे भी टिकट कटने के बाद, नगर विधायक ने अपने स्वभाव के विपरीत प्रतिक्रिया दी है।
कई मुद्दों पर विधायक अपनी सरकार व संगठन की आलोचना समय-समय पर करने से नहीं चूके। हर मुद्दे पर बेहद मुखर। पहले सीएम के प्रत्याशी बनाए जाने पर ठंडी प्रतिक्रिया और अब अखिलेश के आमंत्रण पर रहस्यमय खामोशी, कईयों को बेचैनी से भर रही है।