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Gorakhpur News: मारपीट की प्राथमिकी में चढ़ गया पासबुक गुम होने का मामला

Thu, 25 Jun 2026 02:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 02:23 AM IST
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Charges of assault were invoked and the accused was named, but the facts of the complaint turned out to relate to a different case.
धाराएं मारपीट की, आरोपी का नाम भी दर्ज, शिकायत के तथ्य किसी और मामले के निकले
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पीड़ित को एफआईआर की कॉपी मिली तो खुला मामला

गोरखपुर। गुलरिहा थाने में दर्ज एक प्राथमिकी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मारपीट के मामले में दर्ज प्राथमिकी की प्रति में घटना का विवरण ही बदल गया। प्राथमिकी में धाराएं तो मारपीट और धमकी की लगाई गईं लेकिन एफआईआर के प्रथम सूचना तथ्य वाले कॉलम में किसी अन्य व्यक्ति की गैस कनेक्शन की पासबुक गुम होने संबंधी तहरीर दर्ज हो गई।
गुलरिहा क्षेत्र के सेमरा नंबर एक निवासी धर्मेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि 22 जून को वह आयुष विश्वविद्यालय के पास खड़े थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर जीतन निषाद वहां पहुंचा और उनके साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद धर्मेंद्र ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी।
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पुलिस ने मामले में स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, गंभीर आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान करने और शांतिभंग करने के लिए उकसाने के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। जब पीड़ित को एफआईआर की कॉपी मिली तो वह हैरान रह गया। एफआईआर में दर्ज घटना का विवरण उसकी शिकायत से पूरी तरह अलग था।
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एफआईआर के प्रथम सूचना तथ्य वाले हिस्से में मारपीट की जगह गैस कनेक्शन की पासबुक गुम होने से संबंधित प्रार्थना पत्र दर्ज मिला। हालांकि प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर जीतन निषाद का नाम और मारपीट से जुड़ीं धाराएं ही दर्ज थीं। एक ही एफआईआर में आरोपी, धाराएं और शिकायतकर्ता से जुड़ी कार्रवाई तो मारपीट के मामले की रही, लेकिन घटना का विवरण किसी दूसरे प्रार्थना पत्र का दर्ज होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

इस मामले में इंस्पेक्टर जेपी पाल ने बताया कि दूसरी तहरीर की कॉपी-पेस्ट होने की वजह से यह गलती हुई है। उन्होंने इसे मानवीय त्रुटि बताते हुए सुधार की बात कही है।
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