जंगल कौड़िया रिंग रोड: मुख्यमंत्री से थी किसानों को आस... नहीं हो पाई मुलाकात
किसानों ने अपने पत्रक में सीएम से गुहार लगाई है कि वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा दिलाया जाए। वर्तमान में जमीन चार से पांच लाख रुपये प्रति डिसमिल बिक रही है। जबकि एसएलओ की ओर से उनकी जमीन का मुआवजा महज 65 से 90 हजार रुपये तय किया गया है।
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जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे से किसान संतुष्ट नहीं है। अधिक मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रभावित किसान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गोरखनाथ मंदिर पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। अधिकारियों ने पत्रक लेकर उचित कार्रवाई की बात कही। किसानों ने कहा कि एक बार वे सीएम से मिल लेंगे, तभी आगे की रणनीति की तय करेंगे।
जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड के लिए 26 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। कोनी से लेकर जंगल कौड़िया के बीच आने वाले गांवों के किसान प्रशासन की ओर से मिल रहे मुआवजे से सहमत नहीं हैं। किसान सर्किल रेट बढ़ाने या वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
डीएम, एसएसओ और राजस्व अधिकारियों से कई बार मिलकर किसान अपना पक्ष रख चुके हैं। प्रशासन की ओर से किसानों को सहमति पत्र भरने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के कर्मचारी अधिग्रहित जमीन पर खेती न करने और आवेदन भरने की जानकारी दे रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी ने आवेदन नहीं दर्ज कराया है। लोग अधिक मुआवजा देने की मांग जिद पर अड़े हैं।
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मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे बनगाई, इटहियां, बूढ़ाडीह, बेलवारायपुर सहित अन्य गांवों के 50 से अधिक किसान गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। जांच के बाद उनको सभागार में बैठा दिया गया। लेकिन सुबह छह बजे पता चला कि कि सीएम योगी, जनता दर्शन में नहीं आएंगे। इसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों ने किसानों का प्रार्थना पत्र ले लिया।
किसानों ने अपने पत्रक में सीएम से गुहार लगाई है कि वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा दिलाया जाए। वर्तमान में जमीन चार से पांच लाख रुपये प्रति डिसमिल बिक रही है। जबकि एसएलओ की ओर से उनकी जमीन का मुआवजा महज 65 से 90 हजार रुपये तय किया गया है। इस दौरान वीर अभिमन्यु सिंह, गुलाब चंद, संतोष शुक्ला, मनीष शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
खोराबार में नहीं चला जीडीए का बुलडोजर, लोगों को राहत
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है। लेकिन मंगलवार को जीडीए का बुलडोजर नहीं चला। इससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। लोगों ने बैठक करके अधिकारियों से मिलने की रणनीति बनाई। प्रभावितों ने कहा कि शासन-प्रशासन से मदद की उम्मीद है। जीडीए अधिकारी चाहें तो उनको राहत दे सकते हैं। इसके लिए उनका प्रयास जारी रहेगा।
जीडीए ने खोराबार टाउनशिप और मेडिसिटी योजना के लिए जमीन का अधिग्रहण खोराबार, जंगल सिकरी और सैनिक नगर कॉलोनी में किया है। टाउनशिप के लिए कुछ दिनों से साफ-सफाई करके अतिक्रमण हटाया जा रहा है। जीडीए की ओर से अब तक खेतों में बनी चहारदीवारी, खाली पड़े टीनशेड के मकान, भूसा चारा रखने वाले निर्माण इत्यादि को ढहाया गया है। इससे लोगों के बीच दहशत है।
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बैठक करके तय की आगे की रणनीति
मंगलवार देर शाम बैठक करके लोगों ने आगे की रणनीति बनाई। तय किया कि सीएम से मिलने के बाद अभी जीडीए अधिकारियों की पहल का इंतजार करेंगे। इसके बाद भी उनके पक्ष में कोई निर्णय नहीं आया तो दोबारा कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों से मिलेंगे। प्रभावितों का कहना है कि अधिकारियों को कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे उनको राहत मिल सके। इस दौरान संजय कुमार मिश्र, विमलेश्वर, विजेश्वर, अनिल, पंकज, संतोष, गौरी शंकर, शशि शंकर, सुनीता, सोनू वर्मा, निधि पाठक, दिलीप सिंह, हरि शरण गुप्त, चंद्रभान सिंह आदि मौजूद रहे।