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Gorakhpur News: बाढ़ के पानी से मिली अज्ञात मछलियों के सेवन पर रोक
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-पहचान और खाद्य सुरक्षा जांच पूरी होने तक खरीद-बिक्री से बचने की सलाह
-गूंच मछली जहरीली नहीं, सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा
गोरखपुर। नेपाल में आई बाढ़ के कारण गंडक नदी समेत विभिन्न नदियों में बाढ़ का पानी आने से कुछ क्षेत्रों में अज्ञात और असामान्य मछलियां मिलने की सूचना है। इनमें गूंच या गोइता कैटफिश जैसी प्रजातियां होने की संभावना जताई जा रही है। इन मछलियों की वैज्ञानिक पहचान विशेषज्ञों की ओर से की जा रही है।
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार गूंच मछली अपने आप में जहरीली नहीं है। इसे नेपाल से आई नई या विदेशी मछली मानना भी उचित नहीं है। फिलहाल मुख्य चिंता बाढ़ के पानी के साथ आई अज्ञात मछलियों की खाद्य सुरक्षा को लेकर है। बाढ़ के दौरान मछलियां दूषित पानी, सीवेज, मृत जीवों और अन्य प्रदूषकों के संपर्क में आ सकती हैं। इसलिए पहचान और खाद्य सुरक्षा संबंधी जांच पूरी होने तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अज्ञात या असामान्य मछलियों की खरीद-बिक्री और सेवन नहीं किया जाना चाहिए। मत्स्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। मछलियों की पहचान के साथ खाद्य सुरक्षा से संबंधित वैज्ञानिक जांच भी कराई जा रही है। विभाग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा है।
बाढ़ के पानी से मिली अज्ञात मछलियों की वैज्ञानिक पहचान और खाद्य सुरक्षा जांच पूरी होने तक इनके सेवन से बचना जरूरी है। गूंच मछली को जहरीली या विदेशी मछली मानना सही नहीं है।
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-बृजेश कुमार, उप निदेशक मत्स्य, गोरखपुर मंडल
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-गूंच मछली जहरीली नहीं, सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा
गोरखपुर। नेपाल में आई बाढ़ के कारण गंडक नदी समेत विभिन्न नदियों में बाढ़ का पानी आने से कुछ क्षेत्रों में अज्ञात और असामान्य मछलियां मिलने की सूचना है। इनमें गूंच या गोइता कैटफिश जैसी प्रजातियां होने की संभावना जताई जा रही है। इन मछलियों की वैज्ञानिक पहचान विशेषज्ञों की ओर से की जा रही है।
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार गूंच मछली अपने आप में जहरीली नहीं है। इसे नेपाल से आई नई या विदेशी मछली मानना भी उचित नहीं है। फिलहाल मुख्य चिंता बाढ़ के पानी के साथ आई अज्ञात मछलियों की खाद्य सुरक्षा को लेकर है। बाढ़ के दौरान मछलियां दूषित पानी, सीवेज, मृत जीवों और अन्य प्रदूषकों के संपर्क में आ सकती हैं। इसलिए पहचान और खाद्य सुरक्षा संबंधी जांच पूरी होने तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अज्ञात या असामान्य मछलियों की खरीद-बिक्री और सेवन नहीं किया जाना चाहिए। मत्स्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। मछलियों की पहचान के साथ खाद्य सुरक्षा से संबंधित वैज्ञानिक जांच भी कराई जा रही है। विभाग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा है।
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बाढ़ के पानी से मिली अज्ञात मछलियों की वैज्ञानिक पहचान और खाद्य सुरक्षा जांच पूरी होने तक इनके सेवन से बचना जरूरी है। गूंच मछली को जहरीली या विदेशी मछली मानना सही नहीं है।
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-बृजेश कुमार, उप निदेशक मत्स्य, गोरखपुर मंडल